



सिक्किम के लोक भवन में शिष्टाचार भेंट कर पटका, शॉल और स्मृति चिह्न भेंट किया, राज्यपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों के दौरों और जनसंवाद की सराहना
गंगटोक। सिक्किम के राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर के कार्यकाल के दो वर्ष पूरे होने पर सिक्किम प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, गंगटोक के कुलसचिव प्रो. (डॉ.) रमेश कुमार रावत ने उनसे शिष्टाचार भेंट कर शुभकामनाएं दीं।
जयपुर जिले की चौमूं तहसील स्थित अशोक विहार कॉलोनी के निवासी प्रो. रावत ने रविवार, 2 अगस्त को लोक भवन में राज्यपाल से मुलाकात की और उनका आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर उन्होंने राज्यपाल को सिक्किम का पारंपरिक पटका और शॉल पहनाया तथा गुलदस्ता भेंट किया।
प्रो. रावत ने रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा रचित राष्ट्रगान से संबंधित एक चित्रयुक्त स्मृति फ्रेम भी राज्यपाल को प्रदान किया।
प्रो. रावत ने राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर के दो वर्ष के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने दुर्गम मौसम और भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद भारत-चीन सीमा से जुड़े कई सैन्य क्षेत्रों और चौकियों का दौरा किया।
उन्होंने कहा कि राज्यपाल ने ऊंचाई वाले सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात सैनिकों से मुलाकात कर उनका मनोबल बढ़ाया और उनकी आवश्यकताओं को समझने का प्रयास किया। उनके अनुसार ऐसे दौरे देश की सुरक्षा और सैनिकों के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाते हैं।
प्रो. रावत ने यह भी कहा कि राज्यपाल के प्रयासों से सैनिकों की सुविधाओं, शहीदों की स्मृति से जुड़े कार्यक्रमों और स्मारकों को प्रोत्साहन मिला।
प्रो. रावत ने कहा कि राज्यपाल के कार्यकाल में लोक भवन के कर्मचारियों के कल्याण, आमजन से सीधे संवाद और सिक्किम के लघु उद्योगों को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया गया।
उन्होंने सिक्किम की जैविक खेती के मॉडल को देश के अन्य हिस्सों तक पहुंचाने की राज्यपाल की पहल की भी प्रशंसा की। उनका कहना था कि राज्यपाल ने विभिन्न मंचों से सिक्किम की ऑर्गेनिक खेती और स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
प्रो. रावत ने कहा कि सहज कार्यशैली और आमजन से संवाद के कारण राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर सिक्किम के लोगों के बीच “ओम जी भाई साहब” के नाम से लोकप्रिय हुए हैं।
उन्होंने कहा कि राज्यपाल से आम नागरिकों को मिलने और अपने विचार साझा करने का अवसर मिलता है। इससे लोक भवन और आमजन के बीच संवाद बढ़ा है।
प्रो. रावत ने राज्यपाल के स्वस्थ, सक्रिय और दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए कहा कि उनका अनुभव और नेतृत्व आगे भी सिक्किम के विकास तथा जनकल्याण में उपयोगी साबित होगा।