



मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की रात्रि चौपाल: घोषणाओं पर तत्काल कार्रवाई से ग्रामीणों में उत्साह, जल निकासी और मूलभूत सुविधाओं के लिए अधिकारियों को दिए निर्देश
उदयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उदयपुर जिले की झाड़ोल तहसील के बीड़ा गांव में रात्रि प्रवास के बाद रविवार सुबह गांव की गलियों में भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों, किसानों, महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों से संवाद कर स्थानीय समस्याओं, आजीविका और सरकारी योजनाओं की जानकारी ली।
ग्रामीणों ने रात्रि ग्राम विकास चौपाल में कुएं के निर्माण, सरस डेयरी केंद्र और खेल मैदान की घोषणा तथा इन कार्यों की तत्काल स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया।
प्रातः भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों से मुलाकात कर उन्हें चॉकलेट वितरित की। उन्होंने स्कूली विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई और भविष्य की आकांक्षाओं के बारे में पूछा।
मुख्यमंत्री ने गांव की महिलाओं से वीबी-जी राम जी योजना पर चर्चा की। बुजुर्गों से सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिलने की जानकारी ली, जबकि किसानों से स्थानीय खेती, प्राकृतिक कृषि और उपज के संबंध में संवाद किया।
मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों के साथ चाय पर चर्चा करते हुए उनके अभाव-अभियोग सुने। ग्रामीणों की मांग पर उन्होंने अधिकारियों को गांव में जल निकासी की समुचित व्यवस्था करने और अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम विकास चौपाल ग्रामीणों की भागीदारी से समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान का माध्यम बन रही है। प्रशासन के सतत प्रयास और स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी से ही गांवों का समग्र विकास संभव है।
मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गांवों की समृद्धि देश की समृद्धि का आधार बन रही है। राज्य सरकार इसी उद्देश्य से नियमित रूप से ग्राम विकास चौपाल आयोजित कर रही है।
उन्होंने कहा कि बीड़ा गांव के अधिकतर परिवार खेती और पशुपालन पर निर्भर हैं। छोटी जोत के बावजूद यहां के किसान मेहनत के साथ प्राकृतिक खेती कर रहे हैं और महिलाएं भी पशुपालन सहित विभिन्न आजीविका गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव में डेयरी केंद्र नहीं होने के कारण पशुपालकों को दूध बेचने के लिए दूर जाना पड़ता था। ग्रामीणों की मांग पर रात्रि चौपाल में सरस डेयरी केंद्र खोलने की स्वीकृति दी गई और इसके क्रियान्वयन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि राजीविका महिला समूहों के आर्थिक सशक्तीकरण का प्रभावी माध्यम बन रही है। किसानों और पशुपालकों को भी सरकारी योजनाओं से जोड़कर गांवों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने गांव स्थित श्री आवरा माता मंदिर में दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके बाद उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण और हरित राजस्थान का संदेश दिया।
ग्रामीणों ने साफा पहनाकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस अवसर पर जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी, राजस्व मंत्री हेमंत मीणा, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।