



पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीय और दिनेश खोड़निया के नेतृत्व में वागड़ से जयपुर पहुंचे 309 कार्यकर्ता, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने पार्टी से ऊपर नेता की ब्रांडिंग पर जताई नाराजगी
जयपुर। वागड़ क्षेत्र से भारत आदिवासी पार्टी छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने आए कार्यकर्ताओं के कार्यक्रम में गुरुवार को कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ गई। पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीय और पूर्व जिला अध्यक्ष दिनेश खोड़निया के नेतृत्व में 309 कार्यकर्ता जयपुर पहुंचे थे। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय जाने से पहले ये कार्यकर्ता पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आवास पहुंचे, जहां समर्थकों ने ‘अशोक गहलोत चौथी बार’ के नारे लगाए।
इसके बाद प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने मालवीय और खोड़निया की मौजूदगी में व्यक्तिवाद और नेताओं की निजी ब्रांडिंग को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस संगठन किसी भी व्यक्ति से बड़ा है और पार्टी के बजाय किसी एक नेता की ब्रांडिंग करने की प्रवृत्ति से पहले भी संगठन को राजनीतिक नुकसान हुआ है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डोटासरा ने गहलोत का नाम लिए बिना सवाल उठाया कि कांग्रेस में शामिल होने आ रहे नेताओं और कार्यकर्ताओं को सबसे पहले पार्टी कार्यालय आना चाहिए था या किसी नेता के आवास पर जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि संगठन में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को यह तय करना होगा कि उसके लिए पार्टी बड़ी है या कोई व्यक्तिगत नेता।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डोटासरा ने कहा कि जो लोग व्यक्तिगत ब्रांडिंग करना चाहते हैं, वे ऐसा कर सकते हैं, लेकिन वे स्वयं कांग्रेस संगठन के लिए काम करते हैं। उन्होंने दावा किया कि व्यक्तिवादी राजनीति के कारण ही पार्टी को पूर्व में चुनावी नुकसान उठाना पड़ा और राजस्थान में कांग्रेस लगातार दूसरी बार सरकार नहीं बना सकी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डोटासरा ने कहा कि महेंद्रजीत सिंह मालवीय की कांग्रेस में वापसी उनकी अनुशंसा के बाद संभव हुई। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक परिस्थितियां बदलती रहती हैं और जो नेता पहले उनके विरुद्ध चुनावी मैदान में थे, वे अब कांग्रेस के मंच पर उनके साथ खड़े हैं।
मालवीय वर्ष 2024 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए थे और बाद में उन्होंने भाजपा से अलग होकर कांग्रेस में वापसी की। उनकी वापसी को वागड़ क्षेत्र में कांग्रेस की संगठनात्मक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
महेंद्रजीत सिंह मालवीय ने विवाद पर कहा कि वागड़ से जयपुर रवाना होते समय ही कार्यक्रम तय कर लिया गया था कि कार्यकर्ता पहले अशोक गहलोत से मुलाकात करेंगे और उसके बाद प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचकर पार्टी में शामिल होंगे।
बाद में उन्होंने गहलोत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डोटासरा के बीच कथित मतभेदों पर सीधे टिप्पणी करने से बचते हुए कहा कि उनके जैसे छोटे नेता के लिए कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेता समान हैं। उन्होंने कहा कि किस नेता ने क्या टिप्पणी की, इस विवाद में वे कोई पक्ष नहीं लेना चाहते।
वागड़ से बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के जयपुर पहुंचने को आगामी पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों से पहले कांग्रेस के शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। इस क्षेत्र में कांग्रेस, भाजपा और भारत आदिवासी पार्टी के बीच राजनीतिक प्रभाव को लेकर लगातार प्रतिस्पर्धा बनी हुई है।
हालांकि गहलोत आवास पर हुई नारेबाजी और उसके बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डोटासरा की सार्वजनिक नाराजगी ने कार्यकर्ताओं के कांग्रेस में शामिल होने के कार्यक्रम को संगठनात्मक अनुशासन तथा पार्टी के भीतर नेतृत्व की प्राथमिकता से जुड़ी बहस में बदल दिया।