



निवाई एसडीएम गंभीर सिंह ने स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब, संविधान कक्ष और पोषाहार व्यवस्था का लिया जायजा, डिजिटल संसाधनों के नियमित उपयोग के निर्देश
टोंक। निवाई उपखंड अधिकारी गंभीर सिंह ने गुरुवार को पीएमश्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, निवाई का औचक निरीक्षण कर विद्यालय की शैक्षणिक, तकनीकी और भौतिक व्यवस्थाओं की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी मंजू मीणा भी मौजूद रहीं।
एसडीएम ने विद्यालय परिसर का भ्रमण कर पीएमश्री योजना के तहत संचालित नवाचारों और आधुनिक शिक्षण सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने स्मार्ट क्लास में चल रही शिक्षण प्रक्रिया देखी और विद्यार्थियों से संवाद कर उनके शैक्षणिक स्तर का आकलन किया।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम गंभीर सिंह ने स्मार्ट कक्षाओं के संचालन की प्रशंसा की। उन्होंने विद्यार्थियों में संवैधानिक मूल्यों की समझ विकसित करने के लिए तैयार किए गए संविधान कक्ष का भी अवलोकन किया और इसे उपयोगी पहल बताया।
उन्होंने शिक्षकों से कहा कि स्मार्ट क्लास और अन्य डिजिटल संसाधनों का नियमित रूप से उपयोग किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा का पूरा लाभ मिल सके।
एसडीएम ने आईसीटी एवं कंप्यूटर लैब का निरीक्षण कर विद्यार्थियों को दिए जा रहे व्यावहारिक ज्ञान और व्यावसायिक कौशल प्रशिक्षण की जानकारी ली। उन्होंने कौशल आधारित गतिविधियों को अधिक रोजगारपरक बनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि तकनीकी संसाधनों का उपयोग केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें नियमित शिक्षण प्रक्रिया का हिस्सा बनाया जाए।
निरीक्षण के दौरान मध्याह्न भोजन व्यवस्था की भी जांच की गई। एसडीएम ने रसोईघर की स्वच्छता, निर्धारित मेनू के अनुसार भोजन वितरण और पोषाहार की गुणवत्ता का जायजा लिया।
निरीक्षण में पोषाहार व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। उन्होंने विद्यालय प्रशासन को स्वच्छता और भोजन की गुणवत्ता लगातार बनाए रखने के निर्देश दिए।
एसडीएम ने छोटे बच्चों के लिए तैयार बाल वाटिका का भी अवलोकन किया। उन्होंने खेल-खेल में सीखने के लिए विकसित वातावरण की सराहना की।
विद्यालय पुस्तकालय में पुस्तकों के रखरखाव और विद्यार्थियों की अध्ययन संबंधी गतिविधियों की जानकारी लेते हुए उन्होंने बच्चों में नियमित पठन की आदत विकसित करने के निर्देश दिए।
उपखंड अधिकारी गंभीर सिंह और सीबीईओ मंजू मीणा ने संस्था प्रधान को विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का बेहतर उपयोग करने और पीएमश्री योजना के सभी मानकों का शत-प्रतिशत पालन करने के निर्देश दिए।
उन्होंने विद्यालय में उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए शिक्षा की गुणवत्ता में लगातार सुधार करने पर जोर दिया।