Thursday, 30 July 2026

कांवड़ यात्रा-2026 को लेकर राजस्थान पुलिस अलर्ट, यात्रियों के लिए जारी की ‘क्या करें-क्या न करें’ गाइडलाइन


कांवड़ यात्रा-2026 को लेकर राजस्थान पुलिस अलर्ट, यात्रियों के लिए जारी की ‘क्या करें-क्या न करें’ गाइडलाइन

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30 जुलाई से 11 अगस्त तक विशेष सतर्कता, हथियार, नशीले पदार्थ, तेज आवाज वाले डीजे और मालवाहक वाहनों में यात्रा पर रोक

जयपुर। हरिद्वार कांवड़ यात्रा-2026 को लेकर राजस्थान पुलिस ने विशेष सतर्कता बरतते हुए कांवड़ यात्रियों और फील्ड में तैनात पुलिस अधिकारियों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस, कानून एवं व्यवस्था वीके सिंह ने सभी संबंधित जिलों के पुलिस अधिकारियों को समन्वय, सतर्कता और प्रभावी पुलिस प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

एडीजी वीके सिंह ने बताया कि हरिद्वार से गंगाजल लेकर राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों के श्रद्धालु 30 जुलाई से 11 अगस्त 2026 के बीच अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान करेंगे। राजस्थान से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के हरिद्वार जाने और लौटने की संभावना को देखते हुए पुलिस को विशेष निगरानी रखने को कहा गया है।

पहचान पत्र साथ रखने और निर्धारित मार्ग से यात्रा की अपील

पुलिस ने कांवड़ यात्रियों से यात्रा के दौरान आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र अथवा अन्य मूल एवं वैध पहचान दस्तावेज अपने साथ रखने की अपील की है। यात्रियों को केवल निर्धारित पारंपरिक कांवड़ मार्गों और वैकल्पिक नहर पटरी मार्गों का ही उपयोग करने को कहा गया है।

किसी संदिग्ध गतिविधि, लावारिस वस्तु अथवा आपात स्थिति की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस थाने या हेल्पलाइन पर देने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की एंटी-सबोटाज जांच और सुरक्षा संबंधी कार्रवाई में सहयोग करने तथा व्यापारियों, स्थानीय नागरिकों और अन्य यात्रियों के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार बनाए रखने की अपील भी की गई है।

हथियार और नुकीली वस्तुएं ले जाने पर प्रतिबंध

पुलिस गाइडलाइन के अनुसार कांवड़ यात्रा के दौरान हॉकी, डंडे, त्रिशूल, बेसबॉल बैट, हथियार या किसी भी प्रकार की नुकीली वस्तु साथ ले जाना प्रतिबंधित रहेगा। नशीले पदार्थों और शराब के सेवन पर भी पूर्ण रोक रहेगी।

नवनिर्मित दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर कांवड़ियों का पैदल अथवा वाहनों से आवागमन प्रतिबंधित किया गया है। यात्रियों को निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करना होगा।

ट्रक और ट्रैक्टर-ट्रॉली में यात्रियों को ले जाने पर रोक

मालवाहक वाहनों, ट्रक और ट्रैक्टर-ट्रॉली में यात्रियों का परिवहन प्रतिबंधित रहेगा। रेलगाड़ियों, बसों और ट्रकों की छतों पर बैठकर यात्रा करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

वाहनों में खाना बनाने के लिए एलपीजी सिलेंडर ले जाने पर रोक लगाई गई है, ताकि आग लगने या दुर्घटना की आशंका को कम किया जा सके। राष्ट्रीय राजमार्गों और सड़कों पर यातायात बाधित करने वाली निर्धारित मानक से अधिक बड़ी कांवड़ या झांकियां निकालने की अनुमति नहीं होगी।

तेज आवाज और भड़काऊ सामग्री वाले डीजे होंगे जब्त

निर्धारित डेसीबल सीमा से अधिक आवाज वाले डीजे सिस्टम तथा धार्मिक उन्माद या तनाव फैलाने वाले गीतों और नारों पर रोक रहेगी। डीजे की अनुमति देने से पहले उसकी ऑडियो सामग्री की स्क्रीनिंग की जाएगी।

बिना अनुमति चलाए जा रहे अथवा निर्धारित सीमा से अधिक आवाज वाले डीजे सिस्टम को पुलिस तत्काल जब्त करेगी।

विवाद की सूचना पर 10 मिनट में पहुंचेगी पुलिस टीम

एडीजी कानून एवं व्यवस्था ने सभी पुलिस अधीक्षकों और पुलिस उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि वाहन टकराने, पार्किंग या मामूली विवाद की सूचना मिलने पर निकटतम पुलिस टीम 10 मिनट के भीतर मौके पर पहुंचे।

इसका उद्देश्य छोटे विवादों को गंभीर कानून-व्यवस्था की स्थिति में बदलने से रोकना है। कांवड़ियों, व्यापारियों और स्थानीय लोगों के बीच विवाद होने पर पुलिसकर्मियों को मौके पर ही संवेदनशीलता से समाधान कराने को कहा गया है।

सोशल मीडिया की चौबीस घंटे होगी निगरानी

कांवड़ यात्रा के दौरान सोशल मीडिया की चौबीस घंटे निगरानी की जाएगी। पुराने अथवा फर्जी वीडियो और अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई होगी।

किसी भ्रामक सूचना के प्रसारित होने पर संबंधित जिला पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से एक घंटे के भीतर तथ्यात्मक खंडन जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।

48 घंटे पहले घोषित होगा रूट डायवर्जन

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी मार्ग पर अचानक अथवा अघोषित यातायात परिवर्तन नहीं किया जाएगा। रूट डायवर्जन की योजना कम से कम 48 घंटे पहले मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक की जाएगी।

एम्बुलेंस और अन्य आपात सेवाओं के लिए विशेष ‘एम्बुलेंस कॉरिडोर’ सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।

संवेदनशील क्षेत्रों में वीडियोग्राफी और अतिरिक्त जाब्ता

मिश्रित आबादी और संवेदनशील क्षेत्रों से कांवड़ यात्रा गुजरने के दौरान छतों एवं महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहेगा। यात्रा की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी।

स्थानीय स्तर पर सामुदायिक संपर्क समूह और शांति समितियों की बैठकें आयोजित की जाएंगी। पड़ोसी राज्यों की पुलिस के साथ नियमित सूचनाओं का आदान-प्रदान करने तथा कांवड़ मार्गों पर प्रभावी नाकाबंदी और एंटी-सबोटाज जांच के निर्देश दिए गए हैं।

महिला कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए महिला पुलिसकर्मी

सामाजिक और धार्मिक संगठनों की ओर से लगाए जाने वाले सेवा शिविर मुख्य सड़क से पर्याप्त दूरी पर स्थापित किए जाएंगे, ताकि यातायात प्रभावित न हो। शिविरों में सुरक्षा और स्वच्छता व्यवस्था पर भी निगरानी रखी जाएगी।

महिला कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा के लिए मार्गों और प्रमुख पड़ावों पर महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। पुलिसकर्मियों को श्रद्धालुओं के साथ संवेदनशीलता, संयम और सेवा भाव से व्यवहार करने को कहा गया है।

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