



जयपुर में निकाय प्रमुखों और जिला स्तर पर वार्डों का आरक्षण होगा तय, ओबीसी आयोग की रिपोर्ट के आधार पर निर्धारित होंगी सीटें
जयपुर। राजस्थान के 309 नगरीय निकायों में महापौर, सभापति और अध्यक्ष पदों के साथ वार्डों का श्रेणीवार आरक्षण निर्धारित करने की प्रक्रिया 12 से 14 अगस्त के बीच पूरी किए जाने की संभावना है। स्वायत्त शासन विभाग ने इस संबंध में प्रस्तावित कार्यक्रम नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा के समक्ष प्रस्तुत किया है।
सूत्रों के अनुसार नगर निकायों के प्रमुख पदों पर महिलाओं और अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण की लॉटरी 12 अथवा 13 अगस्त को जयपुर स्थित स्वायत्त शासन निदेशालय में निकाली जा सकती है। हालांकि अंतिम तारीख विभाग की औपचारिक अधिसूचना के बाद ही स्पष्ट होगी।
राज्य सरकार की ओर से हाईकोर्ट में पेश चुनावी रोडमैप में ओबीसी राजनीतिक आयोग की रिपोर्ट मिलने के बाद 15 अगस्त तक आरक्षण प्रक्रिया पूरी करने की समय-सीमा बताई गई है। सर्वे पूरा होने के बाद आयोग ने आंकड़ों का विश्लेषण शुरू कर दिया है।
नगर निकायों के प्रमुख पदों और वार्डों में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति का आरक्षण जनगणना-2011 के जनसंख्या आंकड़ों के आधार पर निर्धारित किया जाएगा।
एससी और एसटी आबादी के अनुपात के अनुसार नगर निकायों को क्रमवार सूचीबद्ध कर संबंधित श्रेणियों के लिए प्रमुख पद और वार्ड आरक्षित किए जाएंगे। इसके बाद शेष निकायों और वार्डों में ओबीसी तथा महिलाओं का आरक्षण नियमानुसार निर्धारित होगा।
राज्य ओबीसी राजनीतिक प्रतिनिधित्व आयोग ने प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग के परिवारों और उनके स्थानीय राजनीतिक प्रतिनिधित्व से संबंधित सर्वे पूरा कर लिया है। आयोग की रिपोर्ट के आधार पर यह तय होगा कि नगर निकायों में ओबीसी के लिए कितने प्रमुख पद और वार्ड आरक्षित किए जाएं। उपलब्ध सूचनाओं के अनुसार प्रदेश में करीब 76 लाख ओबीसी परिवारों का विवरण जुटाया गया है।
आयोग का नेतृत्व सेवानिवृत्त न्यायाधीश मदनलाल कर रहे हैं। रिपोर्ट में ओबीसी की जनसंख्या के साथ स्थानीय निकायों में मिले पिछले राजनीतिक प्रतिनिधित्व का भी विश्लेषण किए जाने की संभावना है।
आरक्षण का निर्धारण सर्वोच्च न्यायालय द्वारा स्थानीय निकायों में ओबीसी आरक्षण के लिए निर्धारित संवैधानिक प्रक्रिया और ‘ट्रिपल टेस्ट’ के अनुरूप किया जाना आवश्यक होगा।
सूत्रों के अनुसार नगर निगमों के महापौर, नगर परिषदों के सभापति और नगरपालिकाओं के अध्यक्ष पदों के आरक्षण की राज्य स्तरीय लॉटरी स्वायत्त शासन निदेशालय में निकाली जाएगी।
इसमें एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के साथ विभिन्न श्रेणियों की महिलाओं के लिए प्रमुख पद निर्धारित किए जाएंगे। आरक्षण की चक्रीय व्यवस्था और पिछले चुनावों में संबंधित निकाय को मिले आरक्षण को भी प्रक्रिया में ध्यान में रखा जा सकता है।
नगर निकायों के वार्ड पार्षद पदों का आरक्षण संबंधित जिलों में निर्धारित होगा। जिला निर्वाचन अधिकारी के रूप में जिला कलक्टर अपने जिले की नगर निगम, नगर परिषद और नगरपालिकाओं के वार्डों के लिए लॉटरी प्रक्रिया कराएंगे।
जिला स्तर की यह प्रक्रिया 13 अथवा 14 अगस्त को कराए जाने की संभावना जताई जा रही है। इसमें एससी, एसटी, ओबीसी और महिलाओं के लिए आरक्षित वार्ड निर्धारित होंगे।
स्वायत्त शासन विभाग पहले ही जिला कलक्टरों को वार्ड आरक्षण प्रक्रिया संचालित करने के लिए अधिकृत कर चुका है। आरक्षण की अंतिम सूची लॉटरी और आपत्तियों के निस्तारण के बाद जारी होगी।
फिलहाल 12 से 14 अगस्त की तारीखें विभागीय स्तर पर प्रस्तावित बताई जा रही हैं। इन्हें अंतिम चुनाव या आरक्षण कार्यक्रम नहीं माना जाएगा। लॉटरी का स्थान, तारीख, समय और प्रक्रिया स्वायत्त शासन विभाग की औपचारिक अधिसूचना से ही प्रभावी होगी।
आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग नगर निकाय चुनाव का औपचारिक कार्यक्रम जारी करेगा। सरकारी रोडमैप के अनुसार आरक्षण प्रक्रिया 15 अगस्त तक पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।