Wednesday, 29 July 2026

कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में डॉ. मनमोहन सिंह के खिलाफ आपराधिक केस बंद


कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में डॉ. मनमोहन सिंह के खिलाफ आपराधिक केस बंद

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सुप्रीम कोर्ट ने 12 साल बाद स्वीकार की सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट, तलाबीरा-II कोल ब्लॉक आवंटन से जुड़ा था मामला

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह से जुड़े कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में लंबित आपराधिक कार्यवाही बंद कर दी। शीर्ष अदालत ने केंद्रीय जांच ब्यूरो की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार करते हुए मामले का निस्तारण कर दिया। सीबीआई ने अपनी जांच में डॉ. सिंह और अन्य संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध आपराधिक मामला चलाने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने की बात कही थी।

यह मामला संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के कार्यकाल में ओडिशा के तलाबीरा-II कोयला ब्लॉक के आवंटन से संबंधित था। उस समय डॉ. मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री होने के साथ कोयला मंत्रालय का प्रभार भी संभाल रहे थे।

वर्ष 2014 में दाखिल हुई थीं क्लोजर रिपोर्ट

सीबीआई ने मामले की जांच के बाद वर्ष 2014 में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी। जांच एजेंसी का कहना था कि उपलब्ध तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर संबंधित लोगों के विरुद्ध भ्रष्टाचार अथवा आपराधिक षड्यंत्र का अभियोजन चलाने के लिए पर्याप्त सामग्री नहीं मिली।

हालांकि वर्ष 2015 में विशेष सीबीआई अदालत ने एजेंसी की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। विशेष अदालत ने डॉ. मनमोहन सिंह और अन्य संबंधित व्यक्तियों को आरोपी के रूप में तलब करते हुए ट्रायल का सामना करने का आदेश दिया था।

समन आदेश को सुप्रीम कोर्ट में दी गई थी चुनौती

विशेष सीबीआई अदालत के आदेश को डॉ. मनमोहन सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। शीर्ष अदालत ने उस समय समन आदेश और आगे की आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगा दी थी। इसके बाद मामला लंबे समय तक सुप्रीम कोर्ट में लंबित रहा।

बुधवार को शीर्ष अदालत ने सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट और मामले से संबंधित रिकॉर्ड पर विचार करते हुए आपराधिक कार्यवाही समाप्त कर दी। इसके साथ ही करीब 12 वर्ष से चल रहे इस मामले का न्यायिक पटाक्षेप हो गया।

‘क्लीन चिट’ और दोषमुक्ति में अंतर

कानूनी दृष्टि से यह आदेश पूर्ण ट्रायल के बाद दिया गया दोषमुक्ति का फैसला नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने जांच एजेंसी की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार करते हुए आपराधिक कार्यवाही समाप्त की है। इसका अर्थ है कि उपलब्ध जांच सामग्री के आधार पर मुकदमा आगे चलाने का पर्याप्त आधार नहीं पाया गया।

26 दिसंबर 2024 को हुआ था निधन

डॉ. मनमोहन सिंह का निधन 26 दिसंबर 2024 को नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में हुआ था। वह 92 वर्ष के थे। उन्होंने वर्ष 2004 से 2014 तक देश के प्रधानमंत्री के रूप में दो कार्यकाल पूरे किए थे।

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