Wednesday, 29 July 2026

हाईकोर्ट में पेश नहीं हुआ आरसीए चुनाव कार्यक्रम, सरकार बोली—जल्द नियुक्त होगा चुनाव अधिकारी


हाईकोर्ट में पेश नहीं हुआ आरसीए चुनाव कार्यक्रम, सरकार बोली—जल्द नियुक्त होगा चुनाव अधिकारी

ख़बर सुनिए:

0:00
0:00
Audio thumbnail

सहकारिता रजिस्ट्रार का शपथ-पत्र रिकॉर्ड पर नहीं आने से सुनवाई 10 अगस्त तक स्थगित

जयपुर। राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (आरसीए) का प्रस्तावित चुनाव कार्यक्रम बुधवार को राजस्थान हाईकोर्ट में पेश नहीं हो सका। हालांकि राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि हाईकोर्ट द्वारा नियुक्त प्रशासक जल्द ही चुनाव अधिकारी की नियुक्ति करेंगे, जिसके बाद आरसीए का चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया जाएगा।

जस्टिस इंद्रजीत सिंह और जस्टिस संदीप तनेजा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। पिछली सुनवाई में अदालत ने आरसीए प्रशासक को अगली तारीख तक चुनाव कार्यक्रम प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे, लेकिन बुधवार को चुनावी रोडमैप अदालत के रिकॉर्ड पर नहीं आया।

सरकार ने जल्द चुनाव कार्यक्रम घोषित करने का दिया भरोसा

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि आरसीए प्रशासक भास्कर ए. सावंत चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ा रहे हैं। जल्द चुनाव अधिकारी नियुक्त किया जाएगा और उसके बाद मतदाता सूची, नामांकन, मतदान तथा परिणाम से संबंधित कार्यक्रम घोषित किया जाएगा।

राजस्थान हाईकोर्ट ने 1 जुलाई 2026 को आरसीए की एडहॉक कमेटी को निलंबित कर अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह भास्कर ए. सावंत को प्रशासक नियुक्त किया था। अदालत ने प्रशासक की निगरानी में तीन महीने के भीतर आरसीए चुनाव कराने के निर्देश दिए थे।

सहकारिता रजिस्ट्रार समित शर्मा अदालत में हुए पेश

सुनवाई के दौरान सहकारिता रजिस्ट्रार समित शर्मा व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश हुए। उन्होंने बताया कि निर्धारित समय में आरसीए चुनाव नहीं कराने के संबंध में पूर्व एडहॉक कमेटी के सदस्यों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अश्विनी जैमन ने इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि अदालत ने सहकारिता रजिस्ट्रार को एडहॉक कमेटी के सदस्यों के विरुद्ध कार्रवाई करने को कहा था, लेकिन रजिस्ट्रार ने संबंधित जिलों के उप रजिस्ट्रारों पर कार्रवाई की जिम्मेदारी डाल दी।

याचिकाकर्ता की ओर से यह भी कहा गया कि केवल स्पष्टीकरण मांगना पर्याप्त कार्रवाई नहीं है और अदालत के निर्देशों के अनुसार जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।

शपथ-पत्र रिकॉर्ड पर नहीं आने से टली सुनवाई

सहकारिता रजिस्ट्रार की ओर से प्रस्तुत किया गया शपथ-पत्र अदालत के रिकॉर्ड पर नहीं आ सका। इसके कारण खंडपीठ ने मामले की विस्तृत सुनवाई नहीं की और प्रकरण को 10 अगस्त तक स्थगित कर दिया।

अब अगली सुनवाई पर चुनाव अधिकारी की नियुक्ति, प्रस्तावित चुनाव कार्यक्रम और पूर्व एडहॉक कमेटी के सदस्यों के विरुद्ध की गई कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होने की संभावना है।

तीन महीने में चुनाव कराने के हैं निर्देश

राजस्थान हाईकोर्ट ने पूर्व रणजी खिलाड़ी राजीव प्रताप सिंह की जनहित याचिका पर 1 जुलाई को आदेश देते हुए आरसीए की एडहॉक कमेटी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था।

अदालत ने भास्कर ए. सावंत को आरसीए का प्रशासक नियुक्त करते हुए तीन महीने के भीतर निष्पक्ष चुनाव कराने को कहा था। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप नहीं किया और एडहॉक कमेटी के सदस्यों को अपनी विशेष अनुमति याचिका वापस लेने की अनुमति दी थी।

अंतरिम व्यवस्था के लिए बनाई गई थी एडहॉक कमेटी

जनहित याचिका में आरोप लगाया गया था कि आरसीए की एडहॉक कमेटी का गठन 29 जून 2024 को केवल अंतरिम व्यवस्था के रूप में किया गया था। कमेटी को तीन महीने के भीतर चुनाव कराने की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन निर्धारित अवधि में निर्वाचित कार्यकारिणी का गठन नहीं किया गया।

याचिका के अनुसार, चुनाव कराने के बजाय एडहॉक कमेटी का कार्यकाल बार-बार बढ़ाया जाता रहा। इससे आरसीए में लंबे समय तक निर्वाचित कार्यकारिणी अस्तित्व में नहीं आ सकी और संघ का संचालन अस्थायी व्यवस्था के माध्यम से होता रहा।

अब आरसीए से जुड़े जिला क्रिकेट संघों और संभावित प्रत्याशियों की निगाह 10 अगस्त की सुनवाई तथा प्रशासक की ओर से घोषित किए जाने वाले चुनाव कार्यक्रम पर टिकी है।

    Previous
    Next

    Related Posts