Wednesday, 29 July 2026

जंतर-मंतर पर वायु परीक्षण में अच्छी बारिश के संकेत, सावन-भाद्रपद में मेघ मेहरबान रहने का अनुमान


जंतर-मंतर पर वायु परीक्षण में अच्छी बारिश के संकेत, सावन-भाद्रपद में मेघ मेहरबान रहने का अनुमान

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सम्राट यंत्र पर ध्वज लगाकर परखी गई हवा की दिशा; ज्योतिषाचार्यों ने कहीं अतिवृष्टि तो कहीं कम बारिश की भी जताई संभावना

जयपुर। जंतर-मंतर स्थित सम्राट यंत्र पर बुधवार शाम सूर्यास्त के समय पारंपरिक वायु परीक्षण किया गया। ध्वज लगाकर हवा की दिशा और प्रवाह का अध्ययन करने के बाद ज्योतिषाचार्यों ने सावन और भाद्रपद के दौरान अच्छी बारिश होने की संभावना जताई।

परीक्षण के दौरान अधिकतर समय हवा पूर्व से पश्चिम की ओर बहती रही। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस दिशा में वायु प्रवाह को अच्छी और संतुलित वर्षा का संकेत माना जाता है। हालांकि विद्वानों ने स्पष्ट किया कि अन्य ग्रह-नक्षत्रों और ज्योतिषीय योगों के कारण अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश का वितरण एक समान नहीं रह सकता।

पूर्व से पश्चिम रहा हवा का प्रमुख प्रवाह

ज्योतिषाचार्य पंडित विनोद शास्त्री ने बताया कि वायु परीक्षण के दौरान हवा का प्रमुख प्रवाह पूर्व दिशा से पश्चिम की ओर रहा। कुछ समय के लिए हवा ईशान कोण, यानी उत्तर-पूर्व दिशा से नैऋत्य कोण, यानी दक्षिण-पश्चिम की ओर भी चली।

उन्होंने कहा कि पूरे परीक्षण में पूर्व से पश्चिम की ओर चलने वाली हवा का प्रभाव अधिक रहा। पारंपरिक वर्षा-विज्ञान और ज्योतिषीय मान्यताओं में इसे अच्छी वर्षा का संकेत माना जाता है।

सावन-भाद्रपद में अच्छी बारिश का अनुमान

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार परीक्षण से सावन और भाद्रपद के महीनों में वर्षा की अनुकूल परिस्थितियों के संकेत मिले हैं। उनका अनुमान है कि आने वाले दिनों में जयपुर और आसपास के क्षेत्रों में अच्छी बारिश हो सकती है।

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि बारिश का स्वरूप सभी क्षेत्रों में समान नहीं रहेगा। कुछ स्थानों पर खंडवृष्टि, कहीं सामान्य से अधिक बारिश और कहीं अपेक्षाकृत कम वर्षा की स्थिति बन सकती है।

सम्राट यंत्र पर सदियों पुरानी परंपरा

जंतर-मंतर के सम्राट यंत्र पर ध्वज लगाकर वायु की दिशा का परीक्षण करने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। ज्योतिषाचार्य हवा की दिशा, गति और दबाव के आधार पर आगामी वर्षा ऋतु का पारंपरिक आकलन करते हैं।

सम्राट यंत्र की ऊंचाई और खुले क्षेत्र के कारण वहां हवा की दिशा का अध्ययन अपेक्षाकृत स्पष्ट रूप से किया जा सकता है। परंपरागत रूप से इस परीक्षण के संकेतों को जयपुर और आसपास के क्षेत्रों की वर्षा से जोड़कर देखा जाता है।

मौसम विभाग का पूर्वानुमान अलग वैज्ञानिक प्रक्रिया

जंतर-मंतर पर किया गया वायु परीक्षण ज्योतिषीय एवं सांस्कृतिक परंपरा पर आधारित आकलन है। इसे मौसम विभाग के वैज्ञानिक पूर्वानुमान का विकल्प नहीं माना जाता। आधुनिक मौसम पूर्वानुमान उपग्रहों, रडार, वायुदाब, आर्द्रता और मौसम प्रणालियों से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर जारी किया जाता है।

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