


श्रीनाथजी मंदिर में पंचामृत अभिषेक, बड़ा हनुमान मंदिर में गुरु वंदन, जनसुनवाई कर परिवेदनाओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश
डीग/भरतपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर डीग और भरतपुर जिले के विभिन्न धार्मिक स्थलों का दौरा किया। उन्होंने डीग के पूंछरी में संत-महंतों एवं गुरुओं का सम्मान कर उनका आशीर्वाद लिया तथा श्रीनाथजी मंदिर और भरतपुर के बड़ा हनुमान मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की।
मुख्यमंत्री ने गोवर्धन परिक्रमा क्षेत्र के धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों का अवलोकन भी किया। उन्होंने अधिकारियों को इन स्थलों के जीर्णोद्धार, संरक्षण और सौंदर्यीकरण के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने पूंछरी स्थित श्रीनाथजी मंदिर परिसर में आयोजित गुरु वंदन कार्यक्रम में संत-महंतों और गुरुओं का श्रद्धापूर्वक सम्मान किया। उन्होंने संतों को शॉल एवं दुपट्टा ओढ़ाकर और श्रीफल भेंट कर उनका अभिनंदन किया तथा आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च है। गुरु समाज को ज्ञान, संस्कार और सही दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने संत-महात्माओं और श्रद्धालुओं को भोजन प्रसादी भी परोसी।
इससे पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सपत्नीक भगवान श्रीनाथजी और परिक्रमा मार्ग पर स्थित मुकुट मुखारविंद का पंचामृत से अभिषेक किया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं जनकल्याण की कामना की।
मुख्यमंत्री ने श्रीनाथजी मंदिर में मंगला दर्शन भी किए और राजस्थान की निरंतर प्रगति तथा प्रदेशवासियों के उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाल जीवन के लिए प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा प्रतिवर्ष गुरु पूर्णिमा के अवसर पर पूंछरी का लौठा पहुंचकर गुरुओं, संतों और महात्माओं का वंदन-पूजन करते हैं। इस वर्ष भी उन्होंने अपनी वर्षों पुरानी परंपरा का निर्वहन करते हुए संत-महंतों का सम्मान किया।
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने उनसे आत्मीय मुलाकात की और गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने बुधवार सुबह गोवर्धन परिक्रमा क्षेत्र के जतीपुरा स्थित श्री वन बिहारीजी मंदिर में दर्शन किए। उन्होंने मंदिर परिसर में स्थित श्री अष्ट सखा गोविंद स्वामीजी की बैठक, अष्ट द्वार और ऐतिहासिक ऐरावत कुंड का अवलोकन किया।
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों को मंदिर परिसर, बैठक स्थल और ऐरावत कुंड के समुचित संरक्षण, जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व के इन स्थलों की मूल पहचान एवं स्वरूप को सुरक्षित रखते हुए विकास कार्य किए जाएं।
डीग के बाद मुख्यमंत्री भरतपुर के सेवर क्षेत्र स्थित लुधावई के बड़ा हनुमान मंदिर पहुंचे। उन्होंने मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
मुख्यमंत्री ने मंदिर के महंत स्वर्गीय रामदासजी महाराज की प्रतिमा पर पुष्पमाला अर्पित कर श्रद्धापूर्वक गुरु वंदन किया। उन्होंने यहां उपस्थित संत-महात्माओं का सम्मान किया और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
मुख्यमंत्री ने बड़ा हनुमान मंदिर परिसर के समीप आयोजित जनसुनवाई में स्थानीय नागरिकों की समस्याएं और परिवेदनाएं सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को आमजन से संबंधित मामलों का संवेदनशीलता के साथ शीघ्र एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जनसुनवाई में प्राप्त प्रकरणों की नियमित निगरानी की जाए और पात्र व्यक्तियों को राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जाए।
इस अवसर पर गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढ़म, विधायक डॉ. शैलेश सिंह और जगत सिंह सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, संत-महात्मा एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
