Wednesday, 29 July 2026

पंचायत-निकाय चुनाव में देरी के लिए राज्य सरकार जिम्मेदार: राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह


पंचायत-निकाय चुनाव में देरी के लिए राज्य सरकार जिम्मेदार: राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह

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राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह बोले—एसआईआर से पहले की मतदाता सूची से होंगे चुनाव, पहले निकाय चुनाव कराने का निर्णय प्रशासनिक

जयपुर। राजस्थान के राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने प्रदेश में पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों में हुए विलंब के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार बताया है। उन्होंने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव कराने के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन चुनाव कार्यक्रम घोषित करने से पहले परिसीमन, आरक्षण और अन्य आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी करना राज्य सरकार का दायित्व है।

राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह  ने स्पष्ट किया कि पंचायत और निकाय चुनाव विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर से पहले तैयार मतदाता सूचियों के आधार पर कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर आयोग अपनी तैयारियां पूरी कर रहा है और आवश्यक प्रशासनिक सूचनाएं प्राप्त होने के बाद निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार चुनाव कराए जाएंगे।

ग्रामीण क्षेत्र में 4.43 करोड़ मतदाता

राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने बताया कि पंचायत एवं नगरीय निकाय चुनावों में प्रदेश के करीब 5 करोड़ 45 लाख मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें लगभग 4 करोड़ 43 लाख मतदाता ग्रामीण क्षेत्रों के हैं, जबकि करीब 1 करोड़ 2 लाख मतदाता शहरी निकाय क्षेत्रों में पंजीकृत हैं।

उन्होंने कहा कि मतदाता सूची चुनाव प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण आधार है। आयोग यह सुनिश्चित करेगा कि उपलब्ध और विधिसम्मत मतदाता सूची के आधार पर निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव कराए जाएं।

चुनाव कार्यक्रम में देरी सरकार के स्तर पर

राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने कहा कि आयोग अपने स्तर पर चुनाव संबंधी तैयारियां कर सकता है, लेकिन वार्डों का परिसीमन, पदों का श्रेणीवार आरक्षण और संबंधित सूचनाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार का काम है। इन प्रक्रियाओं में देरी होने से चुनाव कार्यक्रम भी प्रभावित हुआ है।

राजस्थान हाईकोर्ट की ओर से पंचायत और निकाय चुनावों में विलंब को लेकर सवाल उठाए जाने के बाद आयोग ने भी स्पष्ट किया था कि आरक्षण सहित आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही चुनाव कार्यक्रम घोषित किया जा सकता है।

निकाय चुनाव पहले कराने का फैसला प्रशासनिक

राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने कहा कि नगरीय निकाय चुनाव पहले और पंचायत चुनाव बाद में कराने का निर्णय पूरी तरह प्रशासनिक है। चुनावों के क्रम का निर्धारण उपलब्ध संसाधनों, सुरक्षा व्यवस्था, कर्मचारियों की उपलब्धता और चुनावी प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए किया गया है।

उन्होंने कहा कि इतने बड़े स्तर पर एक साथ चुनाव कराने के लिए बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों, अधिकारियों, कर्मचारियों और सुरक्षा बलों की आवश्यकता होती है। इसलिए चुनावों को चरणबद्ध तरीके से कराना प्रशासनिक दृष्टि से अधिक व्यावहारिक माना गया है।

निष्पक्ष चुनाव कराना आयोग की प्राथमिकता

राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने कहा कि आयोग का उद्देश्य स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराना है। उन्होंने राजनीतिक दलों, संभावित प्रत्याशियों और मतदाताओं से चुनावी नियमों का पालन करने और आयोग का सहयोग करने की अपील की।

एक व्यक्तिगत सवाल के जवाब में राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने कहा, “मैं ज्यादा सामाजिक व्यक्ति नहीं हूं।” उन्होंने संकेत दिया कि वे सार्वजनिक जीवन में औपचारिकता और प्रशासनिक जिम्मेदारियों को प्राथमिकता देते हैं।

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