



दस्तावेज सत्यापन जारी रखने की अनुमति, विवादित प्रश्नों पर कर्मचारी चयन बोर्ड से मांगा जवाब
जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती-2025 के लेवल-वन पदों पर अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने पर अंतरिम रोक लगा दी है। हालांकि अदालत ने राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड को चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया जारी रखने की अनुमति दी है।
जस्टिस गणेशराम मीणा की एकलपीठ ने महेंद्र कुमार एवं अन्य की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह अंतरिम आदेश दिया। अदालत ने मामले में कर्मचारी चयन बोर्ड से जवाब भी मांगा है। अब प्रकरण की आगामी सुनवाई तक नियुक्ति आदेश जारी नहीं किए जा सकेंगे, जबकि दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया जारी रह सकेगी।
याचिका में कहा गया कि भर्ती परीक्षा की उत्तर-कुंजी में शामिल 17 प्रश्नों के उत्तरों पर अभ्यर्थियों ने आपत्तियां दर्ज कराई थीं। बोर्ड ने इनमें से 11 प्रश्नों को हटाने का निर्णय लिया, लेकिन शेष विवादित प्रश्नों के उत्तरों को सही मानते हुए आपत्तियों का निस्तारण कर दिया।
याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि उनकी आपत्तियों पर स्वतंत्र विषय विशेषज्ञों की उचित राय लिए बिना ही निर्णय कर दिया गया। ऐसे में विवादित प्रश्नों और उनके उत्तरों की विशेषज्ञ समिति से दोबारा जांच कराई जानी चाहिए।
याचिका में कहा गया कि विवादित उत्तरों के आधार पर भर्ती परिणाम और अभ्यर्थियों की मेरिट प्रभावित हुई है। इसके बावजूद कर्मचारी चयन बोर्ड सफल अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन के बाद नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाने जा रहा है।
याचिकाकर्ताओं ने अदालत से कहा कि यदि विवादित प्रश्नों की जांच से पहले नियुक्तियां कर दी गईं तो बाद में मेरिट में बदलाव होने की स्थिति में जटिलताएं उत्पन्न होंगी। इसलिए भर्ती प्रक्रिया के अंतिम चरण पर अंतरिम रोक लगाना आवश्यक है।
अदालत ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद नियुक्तियां देने पर रोक लगाते हुए बोर्ड को दस्तावेज सत्यापन जारी रखने की छूट दी।
याचिकाकर्ताओं की ओर से पैरवी करने वाले अधिवक्ता रामप्रताप सैनी ने बताया कि राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने 6 नवंबर 2025 को तृतीय श्रेणी शिक्षक लेवल-वन के करीब पांच हजार पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया था।
भर्ती की लिखित परीक्षा 17 जनवरी 2026 को आयोजित की गई। उपलब्ध विवरण के अनुसार बोर्ड ने 11 जून 2026 को भर्ती परिणाम घोषित किया, जबकि फाइनल आंसर-की 15 जून 2026 को जारी की गई थी। सफल घोषित अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया वर्तमान में चल रही है।
हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश से भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह स्थगित नहीं हुई है। कर्मचारी चयन बोर्ड दस्तावेज सत्यापन सहित प्रारंभिक औपचारिकताएं पूरी कर सकता है, लेकिन अदालत की अनुमति अथवा आगामी आदेश के बिना चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं दी जा सकेगी।
अब बोर्ड को विवादित प्रश्नों, आपत्तियों के निस्तारण और विषय विशेषज्ञों की राय से संबंधित रिकॉर्ड के आधार पर अदालत में अपना जवाब प्रस्तुत करना होगा। मामले में अंतिम निर्णय या अंतरिम रोक में बदलाव आगामी सुनवाई के बाद ही संभव होगा।