



बांसवाड़ा के ठीकरिया क्षेत्र में हुआ भीषण हादसा, स्थानीय लोगों ने वैन में फंसे बच्चों को निकालकर पहुंचाया अस्पताल
बांसवाड़ा। शहर के ठीकरिया क्षेत्र में बुधवार सुबह बच्चों को स्कूल ले जा रही एक वैन सड़क किनारे खड़े ट्रक से जा टकराई। भीषण दुर्घटना में एक स्कूली बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छह से अधिक बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सेंट पॉल स्कूल की वैन जानामेड़ी, बाहुबली कॉलोनी और हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र से बच्चों को लेकर स्कूल जा रही थी। ठीकरिया क्षेत्र में वैन अचानक खड़े ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि वैन का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और कई बच्चे उसके भीतर फंस गए।
दुर्घटना में हाउसिंग बोर्ड निवासी हयन बसानिया पुत्र डॉ. राजेंद्र बसानिया की मौत हो गई। हादसे में घायल हुए अन्य बच्चों को उपचार के लिए बांसवाड़ा के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गंभीर रूप से घायल बच्चों की स्थिति पर चिकित्सकों की टीम लगातार निगरानी रख रही है।
हादसे के बाद बच्चों की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण और राहगीर तुरंत मौके पर पहुंचे। लोगों ने क्षतिग्रस्त वैन में फंसे बच्चों को बाहर निकालने का प्रयास किया और पुलिस तथा एम्बुलेंस को घटना की सूचना दी।
स्थानीय लोगों की तत्परता से घायल बच्चों को शीघ्र वैन से बाहर निकाला गया। इसके बाद उन्हें उपलब्ध वाहनों और एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाया गया।
घटना की सूचना मिलने पर राजा तालाब थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों के सहयोग से राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को कब्जे में लेकर हादसे के कारणों की जांच प्रारंभ कर दी है।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दुर्घटना वैन की तेज रफ्तार, चालक की लापरवाही, दृश्यता की कमी अथवा किसी अन्य कारण से हुई। खड़े ट्रक की पार्किंग और उसके पास आवश्यक चेतावनी संकेत लगाए गए थे या नहीं, इसकी भी जांच की जा सकती है।
हादसे की जानकारी मिलते ही घायल बच्चों के परिजन जिला अस्पताल पहुंचे। अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में परिजनों और स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।
इस दर्दनाक हादसे ने स्कूली बच्चों के परिवहन में सुरक्षा मानकों, वाहनों की फिटनेस, चालकों की जिम्मेदारी और सड़कों पर खड़े भारी वाहनों की निगरानी को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।