Saturday, 25 July 2026

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मंजूर, प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार


धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मंजूर, प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार

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NEET पेपर लीक को लेकर 36 दिन से जारी था आंदोलन; राष्ट्रपति ने तत्काल प्रभाव से स्वीकार किया इस्तीफा

नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया। इसके बाद केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी को उनके मौजूदा विभागों के साथ शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में छात्र और युवा पिछले 36 दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दे रहे थे। आंदोलन का प्रमुख मुद्दा NEET परीक्षा के कथित पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था में पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित करना था।

शनिवार रात जारी सरकारी सूचना में कहा गया कि राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत धर्मेंद्र प्रधान का केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। प्रधानमंत्री की सलाह पर प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी उनके वर्तमान विभागों के अतिरिक्त सौंपी गई है।

प्रल्हाद जोशी वर्तमान में केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री हैं। अब वह इन विभागों के साथ शिक्षा मंत्रालय का भी कार्यभार संभालेंगे।

नई जिम्मेदारी मिलने के बाद जोशी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि वह इस दायित्व पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में देश की शिक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण सुधार हुए हैं और इन सुधारों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।

प्रधान के इस्तीफे की घोषणा के बाद जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों ने जश्न मनाया। इसके बाद सरकार और आंदोलनकारी संगठन के प्रतिनिधियों के बीच हुई बातचीत में मांगों पर सहमति बनी और कॉकरोच जनता पार्टी ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी।

प्रल्हाद जोशी के सामने अब परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बहाल करने, पेपर लीक रोकने, तकनीक आधारित परीक्षा व्यवस्था विकसित करने और छात्रों का विश्वास दोबारा कायम करने की बड़ी चुनौती होगी।

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