



जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में राजस्थान सरकार ने खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। प्रदेश में 1 करोड़ 56 हजार 511 नए जरूरतमंद लोगों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना से जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री की पहल पर शुरू किए गए ‘गिव अप अभियान’ ने इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अभियान के तहत 93 लाख से अधिक सक्षम लोगों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा का लाभ छोड़कर पात्र और जरूरतमंद परिवारों के लिए स्थान उपलब्ध कराया।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने बुधवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मुलाकात कर इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की संवेदनशील सोच से शुरू किया गया गिव अप अभियान गरीब और वंचित परिवारों के लिए वरदान साबित हुआ है।
सुमित गोदारा ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का कोई भी पात्र परिवार खाद्य सुरक्षा के अधिकार से वंचित न रहे। राजस्थान में जनसंख्या के अनुपात में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लगभग 4.46 करोड़ लाभार्थियों की सीमा निर्धारित है। यह सीमा पूरी हो जाने के कारण लंबे समय से नए पात्र लोगों को योजना में शामिल नहीं किया जा पा रहा था।
इस समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर 1 नवम्बर 2024 से गिव अप अभियान शुरू किया गया। इसके तहत आर्थिक रूप से सक्षम लोगों को स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ छोड़ने के लिए प्रेरित किया गया।
अभियान शुरू होने के करीब तीन महीने बाद 26 जनवरी 2025 को खाद्य सुरक्षा पोर्टल दोबारा खोला गया, ताकि योजना से वंचित पात्र परिवार आवेदन कर सकें। पोर्टल खुलने के बाद 87 लाख 60 हजार 847 लोगों को खाद्य सुरक्षा योजना से जोड़ा गया।
इसके अतिरिक्त वर्तमान राज्य सरकार के कार्यकाल में इससे पहले भी 12 लाख 95 हजार 664 लोगों को योजना का लाभ दिया जा चुका था। इस प्रकार प्रदेश में कुल 1 करोड़ 56 हजार 511 नए लाभार्थियों को खाद्य सुरक्षा के दायरे में लाया गया है।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने बताया कि गिव अप अभियान के तहत 93 लाख 48 हजार 596 सक्षम लोगों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ छोड़ा। उनके इस निर्णय से वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को योजना से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त हुआ।
गोदारा ने कहा कि यह राजस्थान के इतिहास की सबसे बड़ी सामाजिक सुरक्षा उपलब्धियों में से एक है। उन्होंने इसकी तुलना केंद्र सरकार की उज्ज्वला योजना के तहत चलाए गए गिव अप अभियान से की, जिसमें देशभर में 1 करोड़ 16 लाख लोगों ने स्वेच्छा से गैस सब्सिडी छोड़ी थी।
नए जुड़े लाभार्थियों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत प्रति व्यक्ति प्रतिमाह 5 किलोग्राम गेहूं उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही उन्हें मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना, मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना और मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी मिल रहा है।
सुमित गोदारा ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के संवेदनशील और कुशल नेतृत्व में हासिल यह उपलब्धि सामाजिक न्याय, पारदर्शिता और समावेशी विकास का सशक्त उदाहरण है। यह कदम ‘सशक्त राजस्थान-समृद्ध राजस्थान’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।