Saturday, 25 July 2026

जयपुर में ‘भारत टैक्सी’ का शुभारंभ, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कैब-बाइक और ऑटो को दिखाई हरी झंडी


जयपुर में ‘भारत टैक्सी’ का शुभारंभ, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कैब-बाइक और ऑटो को दिखाई हरी झंडी

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मुख्यमंत्री बोले—सहकारिता आधारित परिवहन मॉडल से सारथियों को मिलेगा स्वामित्व, पारदर्शिता के साथ बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को जयपुर में सहकारिता आधारित राइड-हेलिंग सेवा ‘भारत टैक्सी’ का औपचारिक शुभारंभ किया। एचसीएम राजस्थान राज्य लोक प्रशासन संस्थान (एचसीएम रीपा) में आयोजित समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने भारत टैक्सी की कैब, बाइक और ऑटो के समूह को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत टैक्सी सहकारिता के उत्कृष्ट मॉडल के रूप में उभरकर परिवहन क्षेत्र में आत्मनिर्भरता, पारदर्शिता और रोजगार सृजन को नई दिशा देगा। उन्होंने कहा कि यह पहल वाहन चालकों को केवल सेवा प्रदाता न मानकर उन्हें व्यवस्था में भागीदार और मालिक बनाने की अवधारणा को मजबूत करती है।

भारत टैक्सी देश का पहला सहकारिता आधारित और चालकों के स्वामित्व वाला राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म है। यह ‘सारथी ही मालिक’ के सिद्धांत पर कार्य करता है, जिसके तहत इससे जुड़े चालक प्लेटफॉर्म के संचालन और आर्थिक लाभ में भागीदार बनते हैं। इसका उद्देश्य पारदर्शी किराया व्यवस्था के साथ चालकों को बेहतर आय, सामाजिक सुरक्षा और स्वामित्व का लाभ उपलब्ध कराना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल तकनीक और सहकारिता का यह समन्वय यात्रियों को विश्वसनीय एवं सुविधाजनक परिवहन सेवा उपलब्ध कराने के साथ ही युवाओं और वाहन स्वामी चालकों के लिए स्वरोजगार के अवसर भी पैदा करेगा। भारत टैक्सी प्लेटफॉर्म पर यात्री कैब के साथ बाइक और ऑटो की सेवाएं भी बुक कर सकेंगे।

कार्यक्रम में केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल, राजस्थान के सहकारिता राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार गौतम कुमार, जयपुर सांसद मंजू शर्मा, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में भारत टैक्सी से जुड़े सारथी उपस्थित रहे। मुरलीधर मोहोल वर्तमान में केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री हैं, जबकि वी. श्रीनिवास राजस्थान के मुख्य सचिव हैं।

भारत टैक्सी का लक्ष्य निजी एग्रीगेटर आधारित परिवहन सेवाओं के विकल्प के रूप में एक स्वदेशी, चालक-केंद्रित और सहकारिता आधारित मोबिलिटी व्यवस्था विकसित करना है। इससे होने वाले आर्थिक लाभ को चालकों तक पहुंचाने के साथ-साथ यात्रियों को पारदर्शी और नागरिक-अनुकूल सेवा उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।

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