



सामाजिक कार्यकर्ता एवं शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक ने 26 दिन से जारी अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल समाप्त कर दी है। उन्होंने कहा कि सरकार से विभिन्न मांगों पर लिखित आश्वासन मिलने और लंबी बातचीत के बाद उन्होंने अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया। केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह देर रात गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल पहुंचे, जहां उनकी मौजूदगी में वांगचुक ने अपना अनशन तोड़ा।
वांगचुक ने NEET पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग को लेकर 28 जून से अनशन शुरू किया था। उनका आंदोलन दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी छात्र प्रदर्शन के समर्थन में था। अनशन के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पहले सफदरजंग अस्पताल और बाद में मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
सरकार की ओर से दिए गए आश्वासन में कहा गया कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों और 20 जुलाई को संसद मार्च में शामिल लोगों के विरुद्ध मामले दर्ज नहीं करने पर सरकार सकारात्मक है। इसके साथ ही संसद में पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार के मुद्दे पर चर्चा कराने का भरोसा दिया गया है।
सरकार ने हाल के NEET पेपर लीक प्रकरण से प्रभावित होकर आत्महत्या करने वाले विद्यार्थियों के परिवारों को उचित मुआवजा देने के प्रस्ताव पर भी सकारात्मक रूप से विचार करने की बात कही है। केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा ने वांगचुक के समक्ष इन आश्वासनों को पढ़कर सुनाया।
सांसदों ने की थी अनशन समाप्त करने की अपील
वांगचुक के अनुसार, विभिन्न राजनीतिक दलों के करीब 65 सांसद उनसे मिलने पहुंचे थे। सांसदों ने हस्ताक्षर कर उनसे स्वास्थ्य को देखते हुए अनशन समाप्त करने की अपील की और भरोसा दिलाया कि पेपर लीक तथा परीक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दों को संसद में उठाया जाएगा।
वांगचुक ने बताया कि सरकार के साथ पिछले दो दिनों से विभिन्न शर्तों को लेकर बातचीत चल रही थी। उनका कहना था कि केवल मौखिक आश्वासन पर्याप्त नहीं होगा और सरकार को अपनी प्रतिबद्धताएं लिखित रूप में देनी होंगी। उन्होंने कहा कि इसी कारण अंतिम निर्णय में दो दिन अतिरिक्त लगे।
वांगचुक ने कहा कि यदि सरकार लिखित आश्वासन नहीं देती तो वह अनशन आगे भी जारी रखने के लिए तैयार थे। उन्होंने लद्दाख से दिल्ली पहुंचे एपेक्स बॉडी के नेताओं और उनसे मिलने वाले सांसदों का आभार व्यक्त किया।
अनशन समाप्त करने के बाद वांगचुक ने कहा कि 26 दिनों के बाद उन्हें पहली बार कुछ खाने को मिला है और उसका स्वाद अच्छा लग रहा है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि भूख का अपना कोई स्वाद नहीं होता।
सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने के बावजूद जंतर-मंतर पर चल रहा छात्र आंदोलन फिलहाल खत्म नहीं हुआ है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संगठन ने कहा है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय होने तक शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रहेगा।
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पेपर लीक के मामलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने, दोषियों के लिए कठोर दंड का प्रावधान करने और नए विधायी उपायों पर कैबिनेट में चर्चा कराने की घोषणा की है।