Friday, 24 July 2026

पीएम मोदी का छात्रों के नाम देर रात वीडियो संदेश, पेपर लीक पर सख्त कानून और फास्ट ट्रैक कोर्ट का ऐलान


पीएम मोदी का छात्रों के नाम देर रात वीडियो संदेश, पेपर लीक पर सख्त कानून और फास्ट ट्रैक कोर्ट का ऐलान

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जंतर-मंतर पर विद्यार्थियों का आंदोलन जारी रहने के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार देर रात वीडियो संदेश जारी कर पेपर लीक के मामलों में और कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक कोई सामान्य विषय नहीं है, क्योंकि इससे लाखों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को गंभीर मानसिक एवं आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।

प्रधानमंत्री ने बताया कि पेपर लीक के मामलों के शीघ्र निस्तारण और दोषियों को कठोर दंड दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का निर्णय लिया गया है। इससे पहले प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी आधिकारिक रूप से कहा था कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

कैबिनेट में रखा जाएगा सख्त प्रावधानों वाला मसौदा

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्होंने संबंधित विभागों को फास्ट ट्रैक कोर्ट और अन्य सख्त उपायों का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए थे। विभागों ने देर रात तक काम कर इसका मसौदा उन्हें सौंप दिया है।

इस मसौदे में पेपर लीक के मामलों की त्वरित सुनवाई के साथ दोषियों के लिए कठोर दंड के प्रावधान प्रस्तावित किए गए हैं। प्रधानमंत्री के अनुसार, शुक्रवार को होने वाली केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में इस मसौदे पर चर्चा की जाएगी। मंत्रिमंडल के सदस्यों के सुझावों के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।

संसद में जल्द पारित कराने का प्रयास

प्रधानमंत्री ने कहा कि सोमवार से संसद के मानसून सत्र के दूसरे सप्ताह की कार्यवाही प्रारंभ होगी। सरकार का प्रयास रहेगा कि प्रस्तावित विधायी उपायों को जल्द से जल्द संसद के दोनों सदनों से पारित कराया जाए।

उन्होंने कहा कि सरकार केवल गिरफ्तारियों और मौजूदा कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि ऐसी व्यवस्था विकसित करना चाहती है जिससे पेपर लीक के मामलों में शीघ्र जांच, अभियोजन और दोषियों को समयबद्ध दंड सुनिश्चित किया जा सके।

‘विद्यार्थियों का साल बचाना पहली प्राथमिकता थी’

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में कहा कि सरकार की पहली जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना थी कि पेपर लीक के कारण विद्यार्थियों का पूरा शैक्षणिक वर्ष बर्बाद न हो। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने कम समय में करीब 22 लाख विद्यार्थियों की दोबारा परीक्षा आयोजित करने की व्यवस्था की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि परीक्षा परिणाम भी जारी किए जा चुके हैं और देशभर में सफल विद्यार्थियों के प्रवेश तथा आगे की पढ़ाई की प्रक्रिया प्रारंभ हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार इस कार्रवाई से संतुष्ट होकर नहीं बैठेगी और परीक्षा व्यवस्था में विश्वास बहाल करने के लिए आगे भी कठोर कदम उठाए जाएंगे।

दोषियों की गिरफ्तारी और जेल भेजने का दावा

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले करीब ढाई महीनों में पेपर लीक की घटनाओं के बाद सरकार ने कई स्तरों पर कार्रवाई की है। उनके अनुसार, जांच एजेंसियों ने मामले में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।

उन्होंने विद्यार्थियों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनके हित और भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है तथा परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उच्च शिक्षा विभाग में सचिव स्तर पर बदलाव

इसी बीच केंद्र सरकार ने उच्च शिक्षा विभाग के शीर्ष प्रशासनिक पद पर बदलाव किया है। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विनीत जोशी को उच्च शिक्षा विभाग के सचिव पद से स्थानांतरित कर पंचायती राज मंत्रालय का सचिव नियुक्त किया गया है।

उनकी जगह राजस्थान कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति केंद्र सरकार के व्यापक सचिव-स्तरीय प्रशासनिक फेरबदल का हिस्सा है। हालांकि, आधिकारिक नियुक्ति आदेश में इस स्थानांतरण को सीधे पेपर लीक विवाद का परिणाम नहीं बताया गया है।

पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता को लेकर देशभर में विद्यार्थियों तथा विपक्षी दलों का विरोध जारी है। ऐसे में प्रधानमंत्री के वीडियो संदेश, फास्ट ट्रैक कोर्ट की घोषणा और प्रस्तावित सख्त कानून को सरकार की ओर से आंदोलन और विद्यार्थियों की चिंताओं के जवाब के रूप में देखा जा रहा है।

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