



जयपुर। पेपर लीक की घटनाओं और दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों के विरुद्ध हुई कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में गुरुवार को बड़ी संख्या में युवा जवाहर सर्किल पर एकत्र हुए। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए प्रदर्शनकारियों ने केंद्र एवं राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन में छात्राओं और महिलाओं ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया। अचानक भीड़ एकत्र होने के कारण जवाहर सर्किल और आसपास के मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस को यातायात व्यवस्था संभालने और प्रदर्शन स्थल पर सुरक्षा बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा।
प्रदर्शनकारी युवाओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज और बल प्रयोग की निंदा की। उन्होंने इस कार्रवाई के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों की पहचान कर उनके विरुद्ध निष्पक्ष जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की।
दिल्ली में पेपर लीक के विरोध में जारी आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव की घटनाएं सामने आई हैं। आंदोलन में शामिल विद्यार्थी पुलिस कार्रवाई की जांच और गिरफ्तार अथवा हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों के खिलाफ प्रतिशोधात्मक कार्रवाई नहीं किए जाने की मांग कर रहे हैं।
युवाओं ने राजस्थान में होने वाली भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सुरक्षित एवं पारदर्शी व्यवस्था विकसित करने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पेपर लीक और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं के कारण मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों का समय, धन और भविष्य प्रभावित होता है।
उन्होंने पेपर तैयार करने से लेकर उसके वितरण, परीक्षा संचालन और मूल्यांकन तक प्रत्येक चरण में तकनीकी निगरानी बढ़ाने तथा दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों, परीक्षा माफिया और संस्थानों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।
जयपुर में इससे पहले भी विद्यार्थियों ने पेपर लीक और परीक्षा संबंधी कथित अनियमितताओं के विरोध में मार्च निकालकर जवाबदेही तय करने की मांग की थी।
प्रदर्शनकारियों ने निजी कोचिंग संस्थानों की फीस, प्रवेश प्रक्रिया और विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी नियामक व्यवस्था बनाने की मांग की।
युवाओं ने कहा कि कई परिवार प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बड़ी राशि खर्च करते हैं। ऐसे में कोचिंग संस्थानों की फीस संरचना पारदर्शी होनी चाहिए और विद्यार्थियों की सुरक्षा, शिकायत निवारण, फीस वापसी तथा शिक्षण सुविधाओं से संबंधित स्पष्ट नियम लागू किए जाने चाहिए।
प्रदर्शन की सूचना मिलने पर जवाहर सर्किल थाना पुलिस और अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर शांतिपूर्वक ज्ञापन सौंपने और यातायात के लिए रास्ता खाली करने की अपील की।
समझाइश के बावजूद प्रदर्शनकारी देर रात तक जवाहर सर्किल पर डटे रहे। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शन स्थल के आसपास यातायात नियंत्रित किया और किसी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी।
दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुआ पेपर लीक विरोधी आंदोलन देश के कई शहरों तक फैल गया है। विभिन्न स्थानों पर विद्यार्थियों और अभिभावकों ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक की निष्पक्ष जांच और जवाबदेही तय करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किए हैं।