



जयपुर। राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) की एडहॉक कमेटी के पूर्व संयोजक मोहित यादव और उनके कथित सहयोगियों के खिलाफ जयपुर के ज्योति नगर थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। भरतपुर जिला क्रिकेट संघ के सचिव पद से निष्कासित शत्रुघ्न तिवारी की शिकायत पर अदालत के निर्देश के बाद दर्ज प्रकरण में फर्जी वॉट्सऐप चैट एवं डिजिटल दस्तावेज तैयार कर उनकी प्रतिष्ठा और जिला क्रिकेट संघ की छवि को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया है।
पुलिस ने मामले की जांच ज्योति नगर थाना प्रभारी गुंजन वर्मा को सौंपी है। शिकायत में लगाए गए आरोपों और कथित डिजिटल साक्ष्यों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि स्क्रीनशॉट किस उपकरण से तैयार किए गए और उन्हें किन लोगों ने प्रसारित किया।
शत्रुघ्न तिवारी ने शिकायत में बताया कि वह करीब दस वर्षों से भरतपुर जिला क्रिकेट संघ के सचिव के रूप में कार्य कर रहे थे। मार्च 2026 में मोहित यादव को RCA एडहॉक कमेटी का संयोजक नियुक्त किया गया था। यादव ने पद संभालने के बाद RCA के लंबित चुनाव शीघ्र कराने और क्रिकेट प्रशासन में सुधार को अपनी प्राथमिकता बताया था।
तिवारी का आरोप है कि कमेटी के गठन के बाद उन पर कुछ व्यक्तियों को भरतपुर जिला क्रिकेट संघ में अध्यक्ष अथवा कोषाध्यक्ष का पद दिलाने के लिए दबाव बनाया गया। इसका विरोध करने पर उनके खिलाफ षड्यंत्र रचकर उन्हें पद से हटाने और बदनाम करने का प्रयास शुरू कर दिया गया।
एफआईआर के अनुसार, 10 जून को भरतपुर जिला क्रिकेट संघ को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तिवारी के खिलाफ विभिन्न आरोप लगाए गए थे। इसके बाद जिला क्रिकेट संघ की ओर से राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई।
हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद तिवारी को 26 जून को आयोजित RCA की वार्षिक आमसभा में शामिल होने की अनुमति मिली थी। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, RCA एडहॉक कमेटी ने उनके खिलाफ प्राप्त शिकायतों की जांच के लिए विशेष समिति बनाई थी, जबकि तिवारी ने आरोपों को असत्य और राजनीतिक षड्यंत्र बताया था।
तिवारी का कहना है कि 26 जून की शाम एक जिला क्रिकेट संघ के सचिव ने उन्हें चार वॉट्सऐप स्क्रीनशॉट भेजे। आरोप है कि इनमें उनके मोबाइल नंबर को किसी अन्य नाम से सेव कर ऐसी बातचीत दिखाई गई, जो वास्तव में कभी हुई ही नहीं थी।
शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्होंने स्क्रीनशॉट में दिखाई गई सामग्री न तो भेजी और न प्राप्त की। कथित स्क्रीनशॉट पर बातचीत की तारीख अंकित नहीं थी और यह भी स्पष्ट नहीं था कि संदेश किन मोबाइल नंबरों के बीच भेजे गए थे।
तिवारी ने आरोप लगाया कि मोबाइल फोन और डिजिटल प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग कर इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड तैयार किए गए तथा बाद में उन्हें विभिन्न व्यक्तियों और समूहों में प्रसारित किया गया।
शिकायत में कहा गया है कि कथित फर्जी सामग्री तैयार करने का उद्देश्य तिवारी को भरतपुर जिला क्रिकेट संघ के सचिव पद से हटवाना, उनकी सामाजिक एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठा धूमिल करना और जिला क्रिकेट संघ की मान्यता एवं गतिविधियों को नुकसान पहुंचाना था।
इससे पहले RCA की एडहॉक कमेटी ने तिवारी के खिलाफ महिला खिलाड़ियों से संबंधित शिकायतों की जांच के लिए समिति गठित की थी। तिवारी ने आरोपों से इनकार करते हुए चैट की फॉरेंसिक जांच कराने की मांग की थी।
शिकायतकर्ता ने पुलिस से आरोपियों के मोबाइल फोन, वॉट्सऐप डेटा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, आईपी लॉग, ई-मेल, क्लाउड बैकअप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच कराने की मांग की है।
डिजिटल जांच के माध्यम से यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि कथित स्क्रीनशॉट किस मोबाइल या कंप्यूटर से तैयार हुए, मूल चैट मौजूद है या नहीं, तस्वीरों में किसी प्रकार की एडिटिंग की गई थी अथवा नहीं और सामग्री सबसे पहले किस व्यक्ति ने प्रसारित की।
तिवारी के अनुसार, उन्होंने 29 जून को ज्योति नगर थाने और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को शिकायत दी थी। पुलिस स्तर पर प्रकरण दर्ज नहीं होने पर उन्होंने अदालत का रुख किया। अदालत के निर्देश के बाद ज्योति नगर थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया।
एफआईआर में लगाए गए सभी आरोप अभी जांच के अधीन हैं। मोहित यादव अथवा अन्य नामजद व्यक्तियों के विरुद्ध दोष का निर्धारण डिजिटल साक्ष्यों, पुलिस अनुसंधान और न्यायिक कार्यवाही के आधार पर ही होगा।