Thursday, 23 July 2026

सरकार ने CJP को भेजे बातचीत के चार प्रस्ताव, संगठन ने जंतर-मंतर या तटस्थ स्थान पर वार्ता की रखी शर्त


सरकार ने CJP को भेजे बातचीत के चार प्रस्ताव, संगठन ने जंतर-मंतर या तटस्थ स्थान पर वार्ता की रखी शर्त

ख़बर सुनिए:

0:00
0:00
Audio thumbnail

नई दिल्ली। नीट पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच केंद्र सरकार ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधियों से बातचीत की पेशकश की है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को कहा कि सरकार किसी भी समय आंदोलनकारियों से संवाद करने को तैयार है और पिछले 24 घंटे में वार्ता के लिए चार औपचारिक प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं।

सरकार की ओर से CJP प्रतिनिधियों को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के आवास अथवा कार्यालय में बैठक करने का प्रस्ताव दिया गया है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार के लिए स्थान अथवा समय प्रतिष्ठा का विषय नहीं है और विवाद का समाधान शांतिपूर्ण बातचीत के माध्यम से निकालने का प्रयास किया जा रहा है।

CJP ने कहा—किसी मंत्री के घर या कार्यालय नहीं जाएंगे

CJP ने सरकार की बातचीत की पेशकश का स्वागत किया, लेकिन बैठक के प्रस्तावित स्थान पर असहमति जताई है। संगठन का कहना है कि सरकार वास्तव में संवाद करना चाहती है तो उसके प्रतिनिधि जंतर-मंतर आएं अथवा किसी तटस्थ स्थान पर बैठक आयोजित की जाए।

आंदोलनकारियों ने कहा कि वे किसी मंत्री के निजी आवास या कार्यालय में बातचीत करने नहीं जाएंगे। संगठन का तर्क है कि वार्ता पारदर्शी वातावरण में होनी चाहिए और आंदोलन से जुड़े विद्यार्थियों एवं प्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए।

24 जुलाई को देशव्यापी प्रदर्शन का आह्वान

CJP ने शुक्रवार, 24 जुलाई को देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का आह्वान किया है। संगठन ने इसे ‘हर जिला, एक दिन, एक मांग’ अभियान का नाम देते हुए विद्यार्थियों और नागरिक संगठनों से जिला स्तर पर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने की अपील की है।

प्रदर्शनकारी नीट पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक के मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक अदालतें बनाने और दोषियों को कठोर दंड दिलाने का आश्वासन दिया है। हालांकि आंदोलनकारियों का कहना है कि केवल दंडात्मक कार्रवाई पर्याप्त नहीं है और परीक्षा प्रणाली की संस्थागत कमियों को भी दूर किया जाना चाहिए।

दिल्ली विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों को किया सतर्क

दिल्ली विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को जंतर-मंतर पर होने वाले अनधिकृत अथवा गैरकानूनी जमावड़े से दूर रहने की सलाह दी है। विश्वविद्यालय ने कहा कि ऐसे प्रदर्शनों में शामिल होने पर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है और इसका विद्यार्थियों की पढ़ाई एवं भविष्य की संभावनाओं पर भी प्रभाव पड़ सकता है।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों से किसी भी अपुष्ट सोशल मीडिया सामग्री से प्रभावित नहीं होने और सुरक्षा तथा कानून को प्राथमिकता देने की अपील की है। हालांकि इस सलाह के बाद अभिव्यक्ति एवं शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार को लेकर भी बहस शुरू हो गई है।

संसद मार्च के दौरान हुई थी पुलिस से झड़प

जंतर-मंतर पर CJP के नेतृत्व में छात्र आंदोलन कई सप्ताह से जारी है। 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर मार्च करने का प्रयास किया था। पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी और इस दौरान प्रदर्शनकारियों तथा सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़प हुई थी।

प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के अत्यधिक इस्तेमाल का आरोप लगाया है। वहीं पुलिस का कहना है कि संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों ने निषेधाज्ञा और सुरक्षा घेरे को तोड़ने का प्रयास किया था। कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में भी शिकायत प्रस्तुत की गई है।

सोनम वांगचुक के अनशन का 26वां दिन

आंदोलन के समर्थन में अनशन कर रहे शिक्षाविद् एवं पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का गुरुवार को 26वां दिन रहा। स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

वांगचुक ने कहा है कि सरकार यदि यह स्पष्ट आश्वासन दे कि शांतिपूर्ण आंदोलन में शामिल विद्यार्थियों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ प्रतिशोधात्मक या दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी तो वह अपना अनशन समाप्त करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने आंदोलनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखने की अपील भी की है।

जेपी नड्डा ने कहा है कि सरकार को वांगचुक का खुला पत्र मिला है और उसका जवाब दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार CJP प्रतिनिधियों की मांगों को सुनने और बातचीत करने के लिए तैयार है।

जंतर-मंतर प्रदर्शन
जंतर-मंतर प्रदर्शन
    Previous
    Next

    Related Posts