



बाड़ी/धौलपुर। अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में मारे गए पूर्व दस्यु जगन गुर्जर की आत्मशांति के लिए रविवार को उसके पैतृक गांव विभूतिपुरा में बारहवीं और पगड़ी की रस्म का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में राजस्थान के साथ मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश और हरियाणा सहित पड़ोसी राज्यों से भी गुर्जर समाज के हजारों लोग पहुंचे।
गांव के पास स्थित बाबू महाराज मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। अनुमान के अनुसार करीब 20 हजार लोगों की भीड़ जुटी, जिसे देखते हुए प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा एवं व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए।
कार्यक्रम के दौरान विशाल भंडारा, श्रद्धांजलि सभा और समाज की महापंचायत आयोजित की गई। सभा में गुर्जर समाज के कई प्रमुख प्रतिनिधियों और नेताओं ने भाग लिया। महापंचायत में जगन गुर्जर हत्याकांड के बाद सरकार के सामने रखी गई मांगों और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर चर्चा हुई।
वक्ताओं ने कहा कि जेल जैसी हाई सिक्योरिटी व्यवस्था में इस तरह की घटना गंभीर चिंता का विषय है। समाज के प्रतिनिधियों ने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समाज की मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया, तो बड़ा आंदोलन शुरू किया जा सकता है।
गौरतलब है कि 29 जून को अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद पूर्व दस्यु जगन गुर्जर की हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि जेल में बंद साथी कैदी विष्णु जाट ने गमछे से गला घोंटकर उसकी हत्या की। इस घटना के बाद से गुर्जर समाज में आक्रोश बना हुआ है।
हत्याकांड के बाद प्रशासन की ओर से जगन गुर्जर के धौलपुर जेल में बंद दो भाइयों लाल सिंह और पान सिंह को अंतिम रस्मों में शामिल होने के लिए पैरोल पर रिहा किया गया था। अब बारहवीं और पगड़ी रस्म के दौरान समाज ने एक बार फिर सरकार और प्रशासन से ठोस कार्रवाई की मांग दोहराई है।
कार्यक्रम को देखते हुए पुलिस-प्रशासन पूरे समय अलर्ट मोड पर रहा। भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।