



जयपुर। प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष और विधायक गोविंद सिंह डोटासरा ने भजनलाल सरकार के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए आरोप लगाया कि वर्तमान शिक्षा मंत्री राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एजेंडे को लागू करने में जुटे हैं और इसी क्रम में सरकारी शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने वाले फैसले लगातार लिए जा रहे हैं।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा ने कहा कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब और सामान्य वर्ग के बच्चों का भविष्य संकट में डाला जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में हुई बड़ी स्थानांतरण प्रक्रिया के बाद ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों के पद बड़ी संख्या में खाली हो गए हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
लक्ष्मणगढ़ में 50 प्रतिशत शिक्षक पद रिक्त होने का दावा
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा ने अपने विधानसभा क्षेत्र लक्ष्मणगढ़ का हवाला देते हुए कहा कि हालिया तबादला प्रक्रिया के बाद क्षेत्र के सरकारी विद्यालयों की स्थिति चिंताजनक हो गई है। उनके अनुसार क्षेत्र के कई सरकारी उच्च माध्यमिक और माध्यमिक विद्यालयों में व्याख्याता, प्रधानाचार्य और प्रमुख विषयों के अध्यापकों के पद रिक्त हो गए हैं।
उन्होंने दावा किया कि पूरे विधानसभा क्षेत्र के सरकारी स्कूलों का विश्लेषण करने पर लगभग 50 प्रतिशत शिक्षक पद खाली दिखाई दे रहे हैं। डोटासरा ने सवाल उठाया कि जब स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक ही नहीं होंगे, तो बोर्ड परीक्षाओं के समय बच्चों का पाठ्यक्रम कैसे पूरा होगा और उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा कैसे मिल पाएगी।
सरकारी स्कूलों को जानबूझकर खाली करने का आरोप
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि बड़ी स्थानांतरण प्रक्रिया के माध्यम से कई विद्यालयों को जानबूझकर शिक्षकों से खाली किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्कूल में विषय अध्यापक और प्रधानाचार्य नहीं होंगे, तो स्वाभाविक रूप से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी और नामांकन घटेगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि भविष्य में कम छात्र संख्या का हवाला देकर सरकार ऐसे विद्यालयों को बंद करने या मर्ज करने का आधार तैयार कर सकती है। डोटासरा ने इसे सरकारी शिक्षा ढांचे को कमजोर करने की सोची-समझी रणनीति बताया।
अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों को लेकर भी जताई चिंता
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा ने महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के समय इन विद्यालयों की शुरुआत गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों को बिना भारी फीस के आधुनिक अंग्रेजी शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार इन विद्यालयों को धीरे-धीरे कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा कि इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों और अभिभावकों के सामने अब पढ़ाई को लेकर असमंजस और संकट की स्थिति बन रही है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर सरकारी स्कूलों के भवनों में आरएसएस से जुड़ी गतिविधियां संचालित होने की खबरें सामने आ रही हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है।
बच्चों को शाखाओं में भेजने का लगाया आरोप
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा ने अपने पोस्ट में यह भी आरोप लगाया कि पिछले दिनों सरकारी स्कूलों के छोटे बच्चों को शैक्षिक भ्रमण और अन्य गतिविधियों के नाम पर आरएसएस की शाखाओं में भेजने के मामले सामने आए हैं।
उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य बच्चों में वैज्ञानिक सोच, तार्किकता और गुणवत्तापूर्ण ज्ञान विकसित करना होना चाहिए। सरकारी शिक्षा तंत्र को किसी विशेष वैचारिक एजेंडे की ओर ले जाना बच्चों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था दोनों के लिए उचित नहीं है।
हर गरीब माता-पिता की लड़ाई बताया मुद्दा
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा ने कहा कि यह लड़ाई केवल कांग्रेस या किसी एक नेता की नहीं है, बल्कि राजस्थान के हर उस गरीब और जागरूक माता-पिता की लड़ाई है, जो निजी स्कूलों की भारी फीस देने में सक्षम नहीं हैं और अपने बच्चों को बेहतर भविष्य की उम्मीद में सरकारी स्कूलों में भेजते हैं।
उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालय केवल इमारतें नहीं हैं, बल्कि लाखों गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों के सपनों की नींव हैं। सरकार की जिम्मेदारी है कि वह इन स्कूलों को कमजोर करने के बजाय पर्याप्त शिक्षक, संसाधन, बजट और सुविधाएं उपलब्ध कराए।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा ने कहा कि शिक्षा प्रत्येक बच्चे का अधिकार है और सरकार को सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने चाहिए।