Sunday, 12 July 2026

जनसेवा में समर्पित अधिकारी-कर्मचारी सुशासन के आधार स्तंभ: भजनलाल शर्मा


जनसेवा में समर्पित अधिकारी-कर्मचारी सुशासन के आधार स्तंभ: भजनलाल शर्मा

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सचिवालय अधिकारी एवं कर्मचारी संघ ने किया मुख्यमंत्री का अभिनंदन, पदोन्नति में 2 वर्ष की छूट और 149 नए पदों के सृजन पर जताया आभार
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं और नीतियों को संवेदनशीलता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ धरातल पर उतारने से ही सुशासन स्थापित होता है। इसके लिए सक्षम, प्रेरित और संतुष्ट कार्मिक व्यवस्था सबसे महत्वपूर्ण आधार है। राज्य सरकार ने कर्मचारी हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पदोन्नति प्रक्रिया को सरल बनाया है और सचिवालय की प्रशासनिक क्षमता को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।

रविवार को राजस्थान सचिवालय सेवा अधिकारी संघ और राजस्थान सचिवालय कर्मचारी संघ की ओर से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का पदोन्नति के लिए अनुभव में 2 वर्ष की छूट और नए पदों के सृजन को लेकर अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘नागरिक सर्वोपरि’ विजन को राज्य सरकार शासन की कार्य-संस्कृति का आधार बनाकर आगे बढ़ा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सचिवालय सरकार की नीतियों, योजनाओं और जनकल्याणकारी निर्णयों का केंद्र है। ऐसे में हर निर्णय और प्रयास प्रदेश की 8 करोड़ जनता के विश्वास को मजबूत करने वाला होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक फाइल के पीछे किसी नागरिक की आशा, किसी किसान की उम्मीद, किसी युवा का भविष्य और किसी परिवार का विश्वास जुड़ा होता है।

कर्मचारी विकसित राजस्थान-2047 के सारथी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक कर्मचारी गुड गवर्नेंस की धुरी और विकसित राजस्थान-2047 का महत्वपूर्ण सारथी है। राज्य सरकार कर्मचारी हित में फैसले लेते हुए समयबद्ध और नियमित पदोन्नति सुनिश्चित कर रही है।

उन्होंने कहा कि कार्मिकों को पदोन्नति के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 2024-25, 2025-26 और 2026-27 में निर्धारित अनुभव में 2 वर्ष की छूट दी गई है। इसमें यह प्रावधान किया गया है कि जिन कार्मिकों ने पिछले तीन वर्षों में इस छूट का लाभ नहीं लिया है, उन्हें इसका लाभ मिलेगा। इसके लिए विभिन्न सेवा नियमों में संशोधन किए जाएंगे। इस निर्णय से हजारों कर्मचारियों को समय पर पदोन्नति का अवसर मिलेगा और उनकी लंबे समय से चली आ रही अपेक्षाएं पूरी होंगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में केंद्र सरकार के अनुरूप ग्रेच्युटी की सीमा 20 लाख रुपए से बढ़ाकर 25 लाख रुपए कर दी गई है। साथ ही 30 जून को सेवानिवृत्त राज्य कार्मिकों को नोशनल वेतन वृद्धि के अनुरूप पेंशन का प्रावधान किया गया है। पेंशनर के 70 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर 5 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन भत्ता और कर्मचारी की मृत्यु होने पर 10 वर्ष तक बढ़ी हुई पारिवारिक पेंशन देने का प्रावधान भी किया गया है।

उन्होंने कहा कि आरजीएचएस के तहत महिला और पुरुष कर्मचारियों को अपने माता-पिता या सास-ससुर में से किसी एक को चुनने का विकल्प दिया गया है। वेतनमान से जुड़े विषयों के अध्ययन के लिए उच्च स्तरीय समिति के गठन का निर्णय लिया गया है, जो 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों पर भी विचार करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सेवा के अधिकारियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे कर्मयोगी की भावना के साथ रूल बेस्ड से रोल बेस्ड कार्यशैली की ओर आगे बढ़ेंगे। सरकार के अन्य महत्वपूर्ण फैसलों में एक वर्ष के भीतर कर्मचारी द्वारा पद त्यागने की स्थिति में उस पद को प्रतीक्षा सूची से भरना और सेवा अवधि में स्थायी अक्षमता होने पर कार्मिक के आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति देना शामिल है।

महिला कर्मचारियों के लिए अहम निर्णय
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तीकरण की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। अनुकंपा नियुक्ति के दायरे में पुत्रवधू को भी शामिल किया गया है। इसके अलावा एकल महिला कर्मचारियों के लिए चाइल्ड केयर लीव 3 के स्थान पर 6 चरणों में स्वीकृत करने और कार्यस्थल पर बेहतर एवं तनावमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के लिए ‘मुख्यमंत्री शिशु-वात्सल्य सदन’ स्थापित करने जैसे निर्णय भी लिए गए हैं।

149 नए पदों के सृजन से सचिवालय को मजबूती
मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन सचिवालय की कार्यकुशलता को और अधिक मजबूत बनाने के लिए 15 सहायक शासन सचिव, 67 सहायक अनुभाग अधिकारी और 67 लिपिक ग्रेड प्रथम सहित कुल 149 नए पदों के सृजन को स्वीकृति दी गई है। इससे प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूती मिलेगी, युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और विभागीय पदोन्नति के मार्ग भी अधिक सुगम बनेंगे।

ई-गवर्नेंस और पेपरलेस व्यवस्था अपनाने का आह्वान
मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते समय के साथ प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी को मिशन कर्मयोगी की भावना के अनुरूप नई तकनीक, ई-गवर्नेंस और पेपरलेस व्यवस्था को अपनाना होगा। इससे प्रशासन अधिक दक्ष, पारदर्शी और जनकल्याणकारी बनेगा।

उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे अपनी कार्यकुशलता, नवाचार और सेवा भावना से राजस्थान को सुशासन के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

राजस्थान सचिवालय सेवा अधिकारी संघ के अध्यक्ष अभिमन्यु शर्मा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार जताते हुए कहा कि राज्य सरकार ने कर्मचारियों की मांगों पर संवेदनशील निर्णय लिए हैं। उन्होंने विश्वास दिलाया कि सचिवालय के अधिकारी और कर्मचारी सरकार की भावना के अनुरूप जनहित में पूर्ण समर्पण और निष्ठा के साथ कार्य करेंगे।

इस अवसर पर राजस्थान सचिवालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष कजोड़मल मीणा सहित बड़ी संख्या में सचिवालय के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

सचिवालय अधिकारी एवं कर्मचारी संघ ने किया मुख्यमंत्री का अभिनंदन, पदोन्नति में 2 वर्ष की छूट और 149 नए पदों के सृजन पर जताया आभार
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