



सीकर। शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए नगर परिषद ने डिपो तिराहे से रीको तिराहे तक सड़क चौड़ाईकरण की तैयारी शुरू कर दी है। प्रस्ताव के अनुसार इस मार्ग को 100 फीट चौड़ा किया जाना है। नगर परिषद की ओर से इस संबंध में पब्लिक नोटिस भी जारी किए गए हैं। हालांकि, इस निर्णय का स्थानीय व्यापारियों ने विरोध शुरू कर दिया है।
जयपुर रोड के प्रभावित व्यापारी बड़ी संख्या में नगर परिषद कार्यालय पहुंचे और सड़क चौड़ाईकरण की प्रस्तावित सीमा पर आपत्ति जताई। व्यापारियों का कहना है कि यदि सड़क को 100 फीट चौड़ा किया गया, तो उनकी दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान प्रभावित होंगे। इससे वर्षों से व्यापार कर रहे सैकड़ों दुकानदारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो सकता है।
व्यापारियों ने नगर परिषद से मांग की है कि सड़क को 100 फीट के बजाय 80 फीट तक ही चौड़ा किया जाए। उनका कहना है कि नगर परिषद ने वर्तमान में सड़क के सेंटर पॉइंट से दोनों तरफ 50-50 फीट चौड़ाईकरण का प्रस्ताव लिया है, जबकि इसे घटाकर सेंटर पॉइंट से दोनों तरफ 40-40 फीट किया जाना चाहिए। इससे ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार भी होगा और व्यापारियों का नुकसान भी कम रहेगा।
कमिश्नर बोले—ट्रैफिक समस्या का स्थायी समाधान जरूरी
व्यापारियों से बातचीत के दौरान नगर परिषद कमिश्नर शशिकांत शर्मा ने कहा कि शहर के विकास और ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाना जरूरी है। डिपो तिराहे से रीको तिराहे तक आए दिन लगने वाले जाम से आमजन को परेशानी होती है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए सड़क चौड़ाईकरण आवश्यक है।
कमिश्नर ने कहा कि सड़क चौड़ाईकरण के लिए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, व्यापारियों की आपत्तियों को देखते हुए मामले का शांतिपूर्ण समाधान निकालने के लिए संयुक्त कमेटी गठित की जाएगी।
5 सदस्यीय संयुक्त कमेटी करेगी मौके का निरीक्षण
नगर परिषद कमिश्नर शशिकांत शर्मा ने बताया कि इस मामले में 5 सदस्यीय संयुक्त कमेटी बनाई जाएगी। कमेटी में नगर परिषद के अधिकारियों के साथ व्यापारियों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। यह कमेटी मौके का निरीक्षण करेगी और दोनों पक्षों के हितों को ध्यान में रखते हुए अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर ही सड़क चौड़ाईकरण की अंतिम सीमा तय की जाएगी। इससे पहले व्यापारियों की आपत्तियों, प्रभावित प्रतिष्ठानों और ट्रैफिक व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाएगा।
व्यापारियों ने सौंपा ज्ञापन
नगर परिषद कार्यालय पहुंचे व्यापारियों ने अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन देने वालों में व्यापार मंडल अध्यक्ष प्रदीप पारीक, महावीर चौधरी, सुनील सैनी, राधेश्याम टांक, रमेश सोनी, महावीर गोरा, नंदलाल शर्मा, मालीराम पारीक, सुभाष खीचड़ और बबलू कुमावत सहित अन्य व्यापारी शामिल थे।
व्यापारियों का कहना है कि वे शहर के विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास कार्यों में व्यापारियों की आजीविका और वर्षों से स्थापित व्यवसायों की सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।