Friday, 10 July 2026

पेपर लीक मामलों में फरार सुरेश ढाका के परिवार की खनन लीज पर एसओजी की जांच, बजरी ठेके में पैसों के स्रोत पर सवाल


पेपर लीक मामलों में फरार सुरेश ढाका के परिवार की खनन लीज पर एसओजी की जांच, बजरी ठेके में पैसों के स्रोत पर सवाल

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जयपुर/ब्यावर। वरिष्ठ अध्यापक, सब इंस्पेक्टर भर्ती सहित पेपर लीक से जुड़े 10 मामलों में फरार चल रहे सुरेश ढाका को स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप और प्रवर्तन निदेशालय पिछले कई वर्षों से तलाश रहे हैं। इसी बीच ढाका परिवार से जुड़ी बजरी खनन लीज को लेकर अब जांच तेज हो गई है।

जानकारी के अनुसार, खान विभाग ने सुरेश ढाका की फरारी के दौरान उसके पिता मांगीलाल ढाका की फर्म को करीब 20 करोड़ रुपए का बजरी खनन ठेका दिया था। ब्यावर जिले में इस खनन पट्टे पर दो महीने पहले खनन कार्य शुरू हुआ और मौके पर बजरी का बड़ा स्टॉक भी किया गया है।

ढाका के घर दबिश देने के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रकाश चंद शर्मा के नेतृत्व में एसओजी की टीम ने गुरुवार को संबंधित खनन ठेके पर छापामारी की। एसओजी अब यह जांच कर रही है कि खनन कारोबार में लगे धन का स्रोत क्या है और इसमें सुरेश ढाका या पेपर लीक से जुड़े कथित पैसों की कोई भूमिका तो नहीं है।

खनन में पेपर लीक की कमाई लगने की आशंका
एसओजी को आशंका है कि खनन कारोबार में पेपर लीक से जुड़ी कमाई का निवेश किया गया हो सकता है। जांच एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि इस खनन लीज में ढाका परिवार के अलावा और कौन-कौन लोग पर्दे के पीछे शामिल हैं।

खनन लीज दिए जाने की जानकारी सामने आने के बाद क्षेत्र के करीब दस गांवों में भी विरोध शुरू हो गया था। स्थानीय लोगों ने खनन गतिविधियों को लेकर आपत्ति जताई थी।

20.05 करोड़ की बोली लगाकर मिला था ठेका
ब्यावर के रायपुर स्थित गिरी नंदा बांध के पास खनन आवंटन के लिए सरकार की ओर से विज्ञप्ति जारी की गई थी। खनन निदेशालय ने मेसिया गांव की करीब 100 हेक्टेयर जमीन पर खनन के लिए फरवरी 2024 में ई-ऑक्शन निकाला था।

जुलाई 2024 में 40 लाख रुपए आरक्षित दर पर ई-निविदा आमंत्रित की गई। इसमें ढाका कंस्ट्रक्शन ने 20.05 करोड़ रुपए की अधिकतम बोली लगाई। बताया जा रहा है कि यह फर्म सुरेश ढाका के पिता मांगीलाल ढाका से जुड़ी है।

अतिरिक्त निदेशक खान की ओर से अगस्त 2024 में मंशा पत्र जारी किया गया। इसके बाद दिसंबर 2025 में पांच साल के लिए खनन पट्टा जारी किया गया। अब इसी लीज और निवेश के स्रोत को लेकर एसओजी की जांच आगे बढ़ रही है।

सुरेश ढाका पर एक लाख रुपए का इनाम
सुरेश ढाका का नाम वर्ष 2022 में वरिष्ठ अध्यापक भर्ती पेपर लीक मामले में सामने आया था। उदयपुर के सुखेर और बेकरिया क्षेत्र में पेपर लीक गिरोह पकड़े जाने के बाद उसकी भूमिका को लेकर जांच एजेंसियों ने कार्रवाई शुरू की थी। इसके बाद से वह फरार बताया जा रहा है।

जयपुर में कोचिंग सेंटर के बहाने पेपर लीक नेटवर्क चलाने के आरोपों के बाद सरकार ने गोपालपुरा बाइपास स्थित उसके कोचिंग सेंटर को ध्वस्त कर दिया था। बाद में सुरेश ढाका पर एक लाख रुपए का इनाम घोषित किया गया।

सुरेश ढाका पर एसआई, जेईएन सहित भर्ती परीक्षाओं से जुड़े कई मामलों में आरोप हैं। एडीजी विशाल बंसल के अनुसार, एसओजी ने सुरेश ढाका के खिलाफ 3 जुलाई 2026 को केंद्रीय गृह मंत्रालय से लुक आउट सर्कुलर भी जारी कराया है।

फिलहाल एसओजी की जांच का केंद्र यह है कि बजरी खनन लीज में निवेश की गई राशि का स्रोत क्या है और क्या इसमें पेपर लीक से अर्जित कथित धन का कोई संबंध है। जांच पूरी होने के बाद ही इस मामले में आगे की कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी।

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