



जयपुर। राजस्थान विधानसभा का मानसून सत्र इस बार सितंबर की बजाय अगस्त में बुलाए जाने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार सत्र अगस्त के दूसरे या चौथे सप्ताह में आयोजित हो सकता है। इसे लेकर फाइल प्रक्रिया में है। पिछले साल विधानसभा का मानसून सत्र 1 सितंबर से शुरू हुआ था।
इस बार विधानसभा अपने 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में अमृतकाल मना रही है। ऐसे में माना जा रहा है कि आगामी मानसून सत्र विशेष महत्व का होगा। सरकार की ओर से प्रस्ताव भेजे जाने और विधानसभा की सहमति के बाद राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े मानसून सत्र बुलाने की अधिसूचना जारी करेंगे।
7 से 10 दिन चल सकता है सत्र
इस बार मानसून सत्र करीब 7 से 10 दिन चलने की संभावना जताई जा रही है। सत्र के दौरान सरकार महत्वपूर्ण विधायी कार्यों और विभागीय विषयों को सदन में रख सकती है। विधानसभा के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर विशेष कार्यक्रमों और प्रस्तावों को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है।
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी राजस्थान विधानसभा के 75 वर्ष पूरे होने को अमृतकाल के रूप में मना रहे हैं। अमृतकाल के तहत कौन-कौन से कार्यक्रम, निर्माण कार्य, प्रस्ताव और निर्णय होंगे, इस पर सरकार की शनिवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में फैसला हो सकता है।
कैबिनेट में रखा जाएगा अमृतकाल से जुड़ा प्रस्ताव
विधानसभा की ओर से अमृतकाल से संबंधित प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है। शनिवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर विचार किया जा सकता है। प्रस्ताव पारित होने के बाद विधानसभा के 75 वर्ष पूरे होने से जुड़े कार्यक्रमों और अन्य निर्णयों की रूपरेखा स्पष्ट होगी।
UCC जनसुनवाई को लेकर कांग्रेस विरोध की तैयारी में
दूसरी ओर जिलों में कराई जा रही समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी से जुड़ी जनसुनवाई को लेकर कांग्रेस विरोध की तैयारी में है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली इस मुद्दे पर पहले ही विरोध जता चुके हैं।
ऐसे में आगामी मानसून सत्र में यूसीसी, कानून-व्यवस्था, किसान मुद्दे, बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं और अन्य राजनीतिक विषयों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है।