



खोह नागोरियान हादसे में 8 लोगों की मौत के बाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई, हिस्ट्रीशीटर कयूम खान भी प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार
जयपुर। खोह नागोरियान क्षेत्र के करीम नगर तलाई में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट और आग लगने की घटना में 8 लोगों की जिंदा जलकर मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मुख्य आरोपी फिरोज को गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया है। आरोपी हादसे के बाद से फरार बताया जा रहा था।
डीसीपी पूर्व रंजीता शर्मा ने बताया कि आरोपी फिरोज गाजियाबाद में छिपा हुआ था। पुलिस को उसके ठिकाने के संबंध में इनपुट मिला, जिसके बाद कार्रवाई करते हुए उसे 26 दिन बाद पकड़ लिया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि फिरोज दिल्ली और गाजियाबाद से बारूद तथा पटाखा निर्माण में उपयोग होने वाला कच्चा माल मंगवाता था और जयपुर के खोह नागोरियान क्षेत्र में अवैध पटाखा फैक्ट्री संचालित कराता था।
पुलिस का मानना है कि आरोपी से पूछताछ में अवैध विस्फोटक सामग्री की खरीद, सप्लाई और पटाखा निर्माण से जुड़े पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि विस्फोटक सामग्री किन लोगों से खरीदी जा रही थी और इस कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
इसी मामले से जुड़े एक अन्य आरोपी और हिस्ट्रीशीटर कयूम खान को भी जयपुर सेंट्रल जेल से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया गया है। थानाधिकारी प्रकाशराम ने बताया कि कयूम खान खोह नागोरियान का घोषित हिस्ट्रीशीटर है। पुलिस अब उससे भी पूछताछ कर रही है, ताकि अवैध पटाखा फैक्ट्रियों और विस्फोटक सामग्री के नेटवर्क से जुड़े तथ्यों का पता लगाया जा सके।
पुलिस के अनुसार, कयूम खान के खिलाफ मालवीय नगर, ज्योति नगर, महुवा दौसा और खोह नागोरियान थानों में कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें मारपीट, राजकार्य में बाधा, अवैध आबकारी, धोखाधड़ी, दुष्कर्म के प्रयास, हत्या के प्रयास और विस्फोटक अधिनियम से जुड़े मामले शामिल बताए गए हैं।
खोह नागोरियान में हुए इस हादसे के बाद पुलिस ने क्षेत्र में अवैध पटाखा निर्माण और विस्फोटक सामग्री के भंडारण को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। खोह नागोरियान थाना पुलिस ने करीब 25 पुलिसकर्मियों की विशेष टीम गठित की है, जो संकरे और घनी आबादी वाले इलाकों में घर-घर जाकर सर्च और सत्यापन अभियान चला रही है।
पुलिस संदिग्ध स्थानों की जांच कर रही है और लोगों से अपील की गई है कि यदि कहीं अवैध रूप से पटाखा निर्माण, बारूद का भंडारण या विस्फोटक सामग्री का कारोबार संचालित हो रहा हो, तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। पुलिस का कहना है कि समय पर सूचना मिलने से किसी बड़े हादसे को रोका जा सकता है।
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर अवैध पटाखा कारोबार की पूरी श्रृंखला और सप्लाई नेटवर्क की जांच कर रही है। हादसे के बाद क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है।