



कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा ने कहा—बिना ड्राफ्ट सार्वजनिक किए जनसुनवाई कराना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ, आदेश वापस लेने की मांग
जयपुर। प्रदेश में समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी कानून बनाए जाने के संबंध में प्रस्तावित जनसुनवाई को लेकर कांग्रेस ने विरोध जताया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने मुख्य सचिव वी श्रीनिवास को पत्र लिखकर इस जनसुनवाई के आदेश को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की है।
प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने पत्र में कहा कि सरकार ने अभी तक यूसीसी कानून का कोई मसौदा या ड्राफ्ट तैयार कर सार्वजनिक नहीं किया है। न ही सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित करने के लिए किसी पोर्टल या अन्य माध्यम से इसे जनता के सामने रखा गया है। उन्होंने कहा कि किसी भी कानून का मसौदा सार्वजनिक किया जाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का आवश्यक हिस्सा है।
प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने आरोप लगाया कि बिना किसी ड्राफ्ट को सार्वजनिक किए सरकार जनसुनवाई के बहाने समाज में अनुचित बहस शुरू करना चाहती है। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश की सामाजिक समरसता के ताने-बाने पर सीधा प्रभाव डालने वाला कदम है और इससे सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है।
प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि इस प्रकार की बहस से विभिन्न धर्मों, जातियों और जनजातियों के बीच अपने अधिकारों, परंपराओं और रीति-रिवाजों को लेकर गंभीर आशंकाएं पैदा हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी जनसुनवाई से समाज के अलग-अलग वर्गों के बीच वैमनस्यता की भावना उत्पन्न होने की आशंका है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी ऐसी किसी भी बहस का विरोध करती है, जिससे प्रदेश की सामाजिक समरसता और सौहार्द प्रभावित होता हो। डोटासरा ने कहा कि बिना किसी मसौदे के आयोजित की जा रही इस जनसुनवाई का कोई कानूनी औचित्य नहीं है और सरकार को इसे तत्काल वापस लेना चाहिए।
प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने राज्य सरकार पर आमजन से जुड़े मुद्दों पर विफल रहने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्था बदहाल है। आमजन को समय पर इलाज नहीं मिल रहा है और आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता भी प्रभावित है।
प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश में स्कूल भवन जर्जर हो रहे हैं, शिक्षकों के पद रिक्त हैं और विद्यार्थियों को मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था की स्थिति भी चिंताजनक है और महिलाओं व बच्चियों के साथ अपराध की घटनाएं प्रदेश को शर्मसार कर रही हैं।
कांग्रेस का कहना है कि सरकार को पहले चिकित्सा, शिक्षा, कानून-व्यवस्था और जनहित से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। बिना मसौदा सार्वजनिक किए यूसीसी पर जनसुनवाई कराना व्यावहारिक और विधिक दृष्टि से उचित नहीं है।


