



जयपुर में ऑल इंडिया ब्राह्मण फेडरेशन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी परिषद एवं महासभा की दो दिवसीय बैठक शनिवार, 4 जुलाई 2026 को शुरू हुई। यह राष्ट्रीय आयोजन टोंक रोड स्थित तोतूका भवन में आयोजित किया जा रहा है। बैठक का शुभारंभ भगवान परशुराम को पुष्पांजलि अर्पित कर और दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर देशभर से आए पदाधिकारी, प्रतिनिधि और समाजजन उपस्थित रहे। बैठक 4 और 5 जुलाई को आयोजित की जा रही है।बैठक में संगठन के निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष एस.डी. शर्मा का भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर संगठन की ओर से 14 सूत्रीय मांग-पत्र एवं प्रतिवेदन भी प्रस्तुत किया गया।
मुख्य कार्यक्रम में ब्रह्म पीठाधीश्वर स्वामी श्री राम रतन देवाचार्य जी, महामंडलेश्वर एवं हवामहल विधायक बालमुकुंद आचार्य जी, पंडित राजकुमार शर्मा ‘ज्योतिषाचार्य’, पंडित अनु देवाचार्य, राजस्थान ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष आर.एस. जेमिनी, द्रोणम राजू रवि, महिला अध्यक्ष श्रीमती सूर्यकांता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मोहन प्रकाश शर्मा, चीफ एडवाइजर के.सी. दवे, पंकज मिश्रा, रोशन लाल शर्मा, पूर्व महिला आयोग अध्यक्ष सुमन शर्मा, पूर्व आईजी लक्ष्मण गौड़, पंकज ओझा सहित अनेक गणमान्य अतिथियों ने अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में ऑल इंडिया ब्राह्मण फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस.डी. शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में समाज को संगठित होकर अपनी शक्ति, एकता और संस्कारों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज ने सदैव राष्ट्र, संस्कृति, शिक्षा और सामाजिक मूल्यों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अब आवश्यकता है कि समाज नई पीढ़ी को मार्गदर्शन देते हुए सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में ठोस कार्य करे।
राजस्थान ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष आर.एस. जेमिनी ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि लंबे समय बाद जयपुर में फेडरेशन की राष्ट्रीय स्तर की बैठक होना राजस्थान के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि इस बैठक में ब्राह्मण समाज की वर्तमान स्थिति, चुनौतियों और भविष्य की कार्ययोजना पर गंभीर चिंतन किया जाएगा, ताकि समाजहित में प्रभावी निर्णय लिए जा सकें।
बैठक में राष्ट्रीय महासचिव द्रोणम राजू रवि, संगठन से जुड़े वरिष्ठ पदाधिकारी, विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि, महिला पदाधिकारी, युवा प्रतिनिधि और समाज के अन्य गणमान्यजन शामिल हुए। आयोजन में देशभर के प्रतिनिधियों ने संगठनात्मक मजबूती, सामाजिक सरोकार, शिक्षा, रोजगार, युवा नेतृत्व, महिला भागीदारी और समाज के सर्वांगीण विकास से जुड़े विषयों पर विचार रखे। कुछ रिपोर्टों के अनुसार इस सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में प्रतिनिधि शामिल हुए हैं।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में समाज के सामने आ रही चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि ब्राह्मण समाज को केवल परंपराओं तक सीमित रहने के बजाय शिक्षा, तकनीक, प्रशासन, विधि, सामाजिक सेवा और नेतृत्व के क्षेत्रों में भी अपनी प्रभावी भूमिका को और मजबूत करना होगा। साथ ही समाज के कमजोर वर्गों, विद्यार्थियों और जरूरतमंद परिवारों के सहयोग के लिए योजनाबद्ध प्रयास किए जाने चाहिए।
कार्यक्रम में यह भी कहा गया कि संगठन की मजबूती के लिए राज्यों, जिलों और स्थानीय इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। फेडरेशन की ओर से आगामी समय में सामाजिक जागरूकता, शिक्षा प्रोत्साहन, युवा संवाद और समाजहित से जुड़े कार्यक्रमों को गति देने पर जोर दिया गया।
आयोजकों ने बताया कि दो दिवसीय बैठक के दौरान संगठन की गतिविधियों की समीक्षा, आगामी कार्ययोजना, सामाजिक मुद्दों और राष्ट्रहित से जुड़े विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया जाएगा। बैठक के दूसरे दिन विभिन्न प्रस्तावों और सुझावों पर चर्चा के बाद कार्यक्रम का समापन होगा।