Thursday, 02 July 2026

वीबी जी राम जी योजना गांवों के विकास और रोजगार की मजबूत गारंटी बनेगी: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा


वीबी जी राम जी योजना गांवों के विकास और रोजगार की मजबूत गारंटी बनेगी: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

ब्यावर में राज्य स्तरीय जन सम्मेलन सह शुभारंभ कार्यक्रम, मुख्यमंत्री ने 424 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का किया शिलान्यास

ब्यावर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप गांवों की समृद्धि और विकास के लिए वीबी जी राम जी योजना शुरू की गई है। यह योजना केवल रोजगार उपलब्ध कराने की व्यवस्था नहीं, बल्कि जल संरक्षण, ग्रामीण आधारभूत संरचना, आजीविका संवर्धन और ग्राम विकास का समग्र राष्ट्रीय अभियान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का आधार विकसित गांवों से ही मजबूत होगा।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा गुरुवार को ब्यावर जिले के मसूदा कृषि उपज मंडी में आयोजित वीबी जी राम जी योजना के राज्य स्तरीय जन सम्मेलन सह शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले केंद्रीय ग्रामीण विकास, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आंध्र प्रदेश के तिरुपति से विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण गारंटी योजना के राष्ट्रीय शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित किया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ब्यावर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस कार्यक्रम से जुड़े।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का स्पष्ट विश्वास है कि गांवों को विकसित बनाकर ही भारत को विकसित बनाया जा सकता है। किसान की समृद्धि, श्रमिक के सम्मान और गांव की आत्मनिर्भरता से ही भारत विश्व की अग्रणी शक्ति बनेगा। उन्होंने कहा कि वीबी जी राम जी योजना ग्रामीण भारत के भविष्य को नई दिशा देने वाली दूरदर्शी पहल है।

मुख्यमंत्री ने मनरेगा की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी करते हुए कहा कि मनरेगा को ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की गारंटी देने के उद्देश्य से लाया गया था, लेकिन यह अपने उद्देश्य में पूर्ण रूप से सफल नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि मनरेगा में अधिकतर काम अस्थायी सड़कों, अधूरी जल संरचनाओं और बिना दीर्घकालिक योजना के मिट्टी खुदाई जैसे कार्यों तक सीमित रहे, जिनका स्थायी लाभ ग्रामीण क्षेत्रों को नहीं मिल पाया।

उन्होंने कहा कि जांच-पड़ताल की मजबूत व्यवस्था नहीं होने से नकली और डुप्लीकेट जॉब कार्ड, फर्जी लाभार्थी, बढ़ा-चढ़ाकर हाजिरी दर्ज करने, मनगढ़ंत मस्टर रोल और श्रमिकों को पूर्ण मजदूरी नहीं मिलने जैसी गड़बड़ियां सामने आती रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल ऑडिट भी कई बार केवल औपचारिकता बनकर रह गया था।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि वीबी जी राम जी योजना में सालाना रोजगार की कानूनी गारंटी को 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन किया गया है। साथ ही, फसल बुवाई और कटाई के समय श्रमिकों की कमी न हो, इसके लिए राज्य सरकार 60 दिनों का कार्य विराम घोषित कर सकेगी। इससे किसानों को कृषि कार्यों के समय श्रमिक उपलब्ध हो सकेंगे और ग्रामीण रोजगार व्यवस्था भी अधिक व्यावहारिक बनेगी।

उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत जल संरक्षण, ग्रामीण बुनियादी ढांचे, आजीविका और आपदा प्रबंधन से जुड़े ठोस कार्य करवाए जा सकेंगे। योजना में जियो-टैगिंग, सैटेलाइट इमेज, मोबाइल ऐप और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीकों का उपयोग कर पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि वीबी जी राम जी योजना में हर छह महीने में डिजिटल तथ्यों के आधार पर सोशल ऑडिट अनिवार्य होगा। इसके साथ ही डिजिटल बहुस्तरीय शिकायत निवारण प्रणाली की व्यवस्था की गई है, जिसमें निश्चित समयसीमा और जिला लोकपालों की भूमिका सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत प्रत्येक सप्ताह भुगतान करना अनिवार्य होगा और दो सप्ताह से अधिक की देरी पर स्वतः मुआवजा मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रशासनिक व्यय की सीमा को बढ़ाकर 9 प्रतिशत किया गया है। इससे जमीनी स्तर पर पर्याप्त कर्मचारी, तकनीकी विशेषज्ञ, प्रशिक्षण और निगरानी क्षमता सुनिश्चित की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि योजना के कानून में टिकाऊ और जवाबदेह वित्तीय मॉडल का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने कहा कि पहले श्रम बजट की कोई स्पष्ट सीमा नहीं होती थी, लेकिन अब प्रत्येक वर्ष के लिए स्पष्ट और निर्धारित बजट तय किया गया है। लोगों की मांग के अनुसार कार्य उपलब्ध कराने की व्यवस्था पूर्ववत बनी रहेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुल आवंटन में वृद्धि से राज्यों को हाल के मनरेगा औसत की तुलना में लगभग 17 हजार करोड़ रुपए का अतिरिक्त लाभ मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वीबी जी राम जी योजना को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है, जबकि वास्तविकता यह है कि यह सहकारी संघवाद का मॉडल है। उन्होंने बताया कि डबल इंजन सरकार ने वर्ष 2026-27 में इस योजना के लिए राजस्थान में 12 हजार 636 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है, जो राज्य में इस योजना का अब तक का सबसे अधिक बजट है। इससे गांवों में पानी, सड़क और अन्य स्थायी विकास कार्यों को गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने देवमाली गांव का उल्लेख करते हुए कहा कि इस गांव की देश-दुनिया में अलग पहचान है। भारत सरकार ने देवमाली को बेस्ट टूरिस्ट विलेज का पुरस्कार भी दिया है। उन्होंने कहा कि आज भी इस गांव में पक्के घर नहीं बनाए जाते और घरों में ताले नहीं लगाए जाते, जो इसकी सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक विश्वास को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस अवसर पर देवमाली में दर्शनार्थियों के लिए 2 करोड़ रुपए की लागत से आश्रय स्थल बनाने की घोषणा की। उन्होंने देवमाली में सरोवर के जीर्णोद्धार और सड़कों के निर्माण से स्थानीय क्षेत्र के विकास को गति देने का भी आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने ढाई वर्षों में प्रदेश में पानी और बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। विभिन्न जल परियोजनाओं को साकार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 26 जिलों के किसानों को दिन में बिजली दी जा रही है और वर्ष 2027 तक प्रदेश के सभी जिलों के किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। उन्होंने युवाओं को 4 लाख सरकारी नौकरियां देने के वादे को पूरा करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।

मुख्यमंत्री ने हरियालो राजस्थान अभियान के तहत आमजन से अधिक से अधिक पौधारोपण करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण में जनता की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है और हर व्यक्ति को पौधारोपण अभियान का हिस्सा बनना चाहिए।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री भागीरथ चौधरी ने कहा कि वीबी जी राम जी योजना विकसित भारत की मजबूत नींव है। इस योजना के तहत होने वाले स्थायी निर्माणों से गांवों का विकास होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ढाई वर्षों में प्रदेश की महत्वपूर्ण जल परियोजनाओं को गति दी है और किसान सम्मान निधि को बढ़ाकर 9 हजार रुपए किया है।

ग्रामीण विकास राज्यमंत्री ओटाराम देवासी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश विकास के मार्ग पर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि वीबी जी राम जी योजना को मनरेगा से अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनाया गया है। गांवों में आधारभूत ढांचे के निर्माण के महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं और अंतिम छोर तक योजना का लाभ पहुंचाया जाएगा।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वीबी जी राम जी योजना के तहत दो लाभार्थियों को ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड वितरित किए। साथ ही स्वयं सहायता समूहों की दीदियों को विभिन्न बैंकों के माध्यम से 3.31 करोड़ रुपए की क्रेडिट लिंकेज राशि के चेक और राजस्थान महिला निधि की विभिन्न योजनाओं के तहत 1.16 करोड़ रुपए के ऋण चेक प्रदान किए।

मुख्यमंत्री ने समर्थ सखी ऋण योजना के तहत सीएलएफ क्लस्टर मैनेजर और बैंक मित्रों को स्कूटी भी प्रदान की। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत नवीन आवासों की स्वीकृति और नवनिर्मित मकानों की चाबियां भी लाभार्थियों को सौंपी गईं। इससे पहले मुख्यमंत्री ने राजीविका स्वयं सहायता समूहों के हस्तशिल्प उत्पादों के स्टॉल्स का अवलोकन किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लगभग 424 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का शिलान्यास किया। कार्यक्रम में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत, जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत, गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम, देवनारायण बोर्ड अध्यक्ष ओमप्रकाश भड़ाना, विधायक वीरेंद्र सिंह कानावत, शत्रुघ्न गौतम, शंकर सिंह रावत, रामस्वरूप लाम्बा, शासन सचिव ग्रामीण विकास कृष्ण कुणाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।



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