



जयपुर। जयपुर के राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में दो दिवसीय 29वीं नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन ई-गवर्नेंस की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दीप प्रज्वलित कर सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन किया। इस अवसर पर संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल और राजस्थान सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ भी मौजूद रहे।
सम्मेलन के उद्घाटन से पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई प्रदर्शनी का फीता काटकर शुभारंभ किया। इस प्रदर्शनी में ई-गवर्नेंस, डिजिटल सेवाओं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा आधारित प्रशासन और साइबर सुरक्षा से जुड़े विभिन्न नवाचारों को प्रदर्शित किया गया है।
इस नेशनल कॉन्फ्रेंस में देशभर से बड़ी संख्या में प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। सम्मेलन में 80 से अधिक केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के साथ 28 राज्यों तथा 8 केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। दो दिवसीय आयोजन के दौरान ई-गवर्नेंस से जुड़ी नीतियों, डिजिटल प्रशासन, तकनीकी नवाचारों और नागरिक सेवाओं को और सरल बनाने पर मंथन होगा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ई-मित्र वॉट्सएप सेवा की भी शुरुआत की। इस सेवा के माध्यम से प्रदेश के नागरिक अब वॉट्सएप के जरिए 27 प्रकार की सरकारी सेवाओं का लाभ ले सकेंगे। इसमें बिजली और पानी के बिलों का भुगतान, विभिन्न प्रमाण पत्रों के लिए आवेदन तथा अन्य नागरिक सेवाएं शामिल हैं।
राज्य सरकार की ओर से इस सेवा के लिए वॉट्सएप नंबर 946106270 जारी किया गया है। नागरिक इस नंबर पर “Hi” संदेश भेजकर उपलब्ध सेवाओं के विकल्प देख सकेंगे और आवश्यक सेवा का चयन कर सकेंगे। सरकार की इस पहल को आमजन तक डिजिटल सेवाओं की आसान और त्वरित पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
1 और 2 जुलाई को आयोजित हो रही इस कॉन्फ्रेंस की थीम “विकसित भारत 2047: AI-सक्षम, डेटा-संचालित और सुरक्षित डिजिटल गवर्नेंस” रखी गई है। इस थीम के तहत भविष्य के भारत में तकनीक आधारित प्रशासन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग, डेटा-संचालित निर्णय प्रक्रिया और सुरक्षित डिजिटल ढांचे पर विशेष चर्चा होगी।
सम्मेलन में गुरुवार को केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र प्रसाद सिंह के शामिल होने का कार्यक्रम है। आयोजन के दौरान विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सफल ई-गवर्नेंस मॉडल, डिजिटल सेवाओं के विस्तार और नागरिक केंद्रित प्रशासनिक सुधारों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
राजस्थान में ई-मित्र प्लेटफॉर्म पहले से ही नागरिक सेवाओं को डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने का प्रमुख माध्यम रहा है। अब वॉट्सएप सेवा के जुड़ने से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के नागरिकों को सरकारी सेवाओं तक पहुंच और अधिक सरल हो सकेगी। इस पहल से डिजिटल गवर्नेंस को जन-सुलभ बनाने की दिशा में राज्य सरकार को नई गति मिलने की उम्मीद है।