



अजमेर। अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में सोमवार को हार्डकोर बंदी और कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की गला घोंटकर हत्या कर दी गई। दोपहर करीब 3 बजे जेल खुलने पर घटना का पता चला, जिसके बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बैरक नंबर 2 में बंद साथी कैदी विष्णु ने गमछे से गला घोंटकर जगन गुर्जर की हत्या करना स्वीकार किया है।
विष्णु भरतपुर के चर्चित कुलदीप जघीना हत्याकांड का आरोपी बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, जगन गुर्जर और विष्णु करीब तीन महीने से एक ही बैरक में बंद थे। घटना के बाद जेल स्टाफ और पुलिस अधिकारियों ने जब विष्णु से पूछताछ की, तो उसने कथित तौर पर कहा कि उसने ही जगन को मार डाला।
प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया है कि सोमवार सुबह करीब 10 बजे नाश्ते के दौरान जगन गुर्जर और विष्णु के बीच कहासुनी हुई थी। इसके बाद सुबह करीब 11 बजे दोनों बैरक में चले गए। बताया जा रहा है कि बैरक के भीतर ही विवाद बढ़ा और विष्णु ने गमछे से जगन गुर्जर का गला घोंट दिया।
पूछताछ में आरोपी विष्णु ने पुलिस को बताया कि जगन उसे छोटी-छोटी बातों पर ताने मारता था और लगातार मानसिक रूप से परेशान करता था। हालांकि हत्या के वास्तविक कारणों की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी।
हाई सिक्योरिटी जेल में हत्या की सूचना मिलते ही जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला, एएसपी सिटी हिमांशु जांगिड़, सीओ साउथ मनीष बड़गुजर, सिविल लाइंस थानाप्रभारी शम्भूसिंह शेखावत सहित पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे।
एमओबी और एफएसएल टीम को भी मौके पर बुलाया गया। टीम ने बैरक और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। एसपी अग्रवाला ने पूरे घटनाक्रम की सूचना जिला न्यायाधीश को भी दी।
अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में कुख्यात और हार्डकोर बंदियों को रखा जाता है। ऐसे में जेल के भीतर बंदी की हत्या ने सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह जांच का विषय रहेगा कि घटना के समय जेल स्टाफ कहां था और बैरक के भीतर विवाद इतना कैसे बढ़ गया।
जांच में यह भी देखा जाएगा कि दोनों बंदियों को लंबे समय तक एक ही बैरक में रखने के पीछे क्या कारण थे और क्या पहले कभी दोनों के बीच विवाद की सूचना जेल प्रशासन को मिली थी।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जगन गुर्जर की हत्या गमछे से गला घोंटकर की गई। पुलिस और एफएसएल टीम इस बात की जांच कर रही है कि वारदात किस समय हुई और आरोपी ने हत्या को किस तरह अंजाम दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि होगी।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी बंदी विष्णु से पूछताछ शुरू कर दी है। जेल प्रशासन की भूमिका, सुरक्षा चूक और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की विस्तृत जांच की जा रही है।