



जयपुर। यमुना जल समझौते को लेकर जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व को ऐतिहासिक बताया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दृढ़ संकल्प और लगातार प्रयासों से वर्षों से लंबित यमुना जल समझौते को आगे बढ़ाने में सफलता मिली है। इस समझौते से शेखावाटी क्षेत्र को बड़ी राहत मिलेगी।
सुरेश रावत ने कहा कि शेखावाटी के सीकर, चूरू और झुंझुनूं जिलों में लंबे समय से पेयजल संकट गंभीर समस्या रहा है। यमुना जल परियोजना के माध्यम से इन जिलों तक पानी पहुंचने का मार्ग साफ हुआ है। यह समझौता प्रदेश की जल सुरक्षा और शेखावाटी के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण कदम है।
जल संसाधन मंत्री ने कहा कि इस परियोजना से शेखावाटी के गांवों और शहरों को पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। यमुना का पानी पाइपलाइन के माध्यम से राजस्थान लाया जाएगा और चूरू जिले में प्रस्तावित जलाशय के जरिए इसे आगे वितरित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल पेयजल आपूर्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी। पानी की उपलब्धता से भूजल पर निर्भरता कम होगी और लंबे समय से जल संकट झेल रहे लोगों को राहत मिलेगी।
सुरेश रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सत्ता संभालने के बाद से ही राजस्थान के जल हितों को प्राथमिकता दी। उन्होंने केंद्र सरकार और हरियाणा सरकार के साथ लगातार संवाद कर इस महत्वपूर्ण समझौते को साकार करने में निर्णायक भूमिका निभाई।
मंत्री ने कहा कि यह मुख्यमंत्री की राजनीतिक इच्छाशक्ति और प्रदेश के हितों के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है कि दशकों से लंबित विषय अब समाधान की दिशा में आगे बढ़ा है।
जल संसाधन मंत्री ने कहा कि यमुना जल समझौता राजस्थान की दीर्घकालिक जल सुरक्षा के लिए बड़ा कदम है। इससे आने वाले समय में शेखावाटी क्षेत्र में पेयजल संकट को कम करने और जल प्रबंधन को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार इस परियोजना को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। आवश्यक प्रशासनिक, तकनीकी और वित्तीय प्रक्रियाओं को पूरा कर परियोजना को धरातल पर उतारने का काम किया जाएगा।
सुरेश रावत ने कहा कि शेखावाटी के लोग वर्षों से यमुना जल की प्रतीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में अब यह प्रतीक्षा समाप्त होने की दिशा में बढ़ रही है। उन्होंने इसे राजस्थान के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह समझौता प्रदेश के जल अधिकारों को मजबूत करने वाला निर्णय है।