



झालावाड़। जिले के मनोहर थाना क्षेत्र में सोमवार को ममता को शर्मसार करने वाला बेहद संवेदनशील मामला सामने आया। टन टोकरी बालाजी मार्ग पर किसी ने एक दिन के नवजात शिशु को सड़क किनारे लावारिस हालत में छोड़ दिया। गनीमत रही कि समय रहते वहां से गुजर रहे लोगों की नजर मासूम पर पड़ गई और उसकी जान बच गई।
सूचना मिलने पर मनोहरथाना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और नवजात को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। चिकित्सकों के अनुसार फिलहाल नवजात स्वस्थ है और उसे ऑब्जर्वेशन में रखा गया है।
प्रत्यक्षदर्शी हेमराज नायक ने बताया कि टन टोकरी बालाजी मार्ग पर सड़क किनारे एक पॉलिथीन के ऊपर खाखरे के पेड़ के पत्ते पड़े हुए थे। उन्हीं पत्तों के बीच नवजात शिशु खून से लथपथ हालत में पड़ा रो रहा था।
पास में काम कर रहे मजदूरों और मवेशी चरा रहे ग्वाल मांगीलाल को बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। आवाज की दिशा में पहुंचने पर उन्होंने नवजात को देखा तो दंग रह गए। ग्रामीणों ने तुरंत मनोहरथाना थाना पुलिस को घटना की सूचना दी।
सूचना मिलते ही मनोहरथाना थानाधिकारी महेंद्र यादव पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बिना देरी किए नवजात को मनोहरथाना सीएचसी पहुंचाया।
चिकित्सालय के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज चौधरी ने बताया कि नवजात शिशु की नाल भी नहीं काटी गई थी और वह खून से लथपथ अवस्था में मिला। शारीरिक स्थिति को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि बच्चे का जन्म कुछ समय पहले ही हुआ था।
डॉक्टरों के अनुसार नवजात फिलहाल पूर्णतः स्वस्थ है। उसे आवश्यक उपचार देकर निगरानी में रखा गया है। बेहतर देखभाल और आगे की व्यवस्था के लिए उसे झालावाड़ के पालना गृह भेजे जाने की तैयारी की जा रही है।
थानाधिकारी महेंद्र यादव ने बताया कि पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि नवजात को सड़क किनारे कौन छोड़कर गया।
पुलिस आसपास के प्रसूति केंद्रों, अस्पतालों और निजी क्लीनिकों की जानकारी जुटा रही है। इसके साथ ही क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि घटना से जुड़े लोगों की पहचान हो सके।
सड़क किनारे नवजात मिलने की घटना से क्षेत्र के लोगों में आक्रोश और संवेदना दोनों देखने को मिले। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते बच्चे के रोने की आवाज नहीं सुनाई देती, तो बड़ा अनर्थ हो सकता था।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। नवजात की सुरक्षा और चिकित्सा देखभाल सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर भी आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।