



अजमेर। कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जेल परिसर में उसका शव मिला है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला ने घटना की पुष्टि की है।
जगन गुर्जर का नाम राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के डांग और चंबल क्षेत्र में दशकों तक दहशत का पर्याय रहा। उस पर हत्या के प्रयास, लूट, फिरौती, अपहरण, नकबजनी और डकैती जैसे गंभीर अपराधों से जुड़े 100 से ज्यादा मामले दर्ज बताए जाते हैं।
जगन गुर्जर करीब तीन दशक पहले वर्ष 1994 में अपराध की दुनिया में आया था। धौलपुर के डांग क्षेत्र और चंबल के बीहड़ों में उसने अपना ठिकाना बनाया था। उसका आतंक इतना बढ़ गया था कि कई गांवों में लोगों ने भय के कारण शादियां तक टाल दी थीं।
बताया जाता है कि उसके खुद के गांव में भी लंबे समय तक कोई शादी नहीं हुई। उसकी दहशत से गांव के लोग ही नहीं, बल्कि उसके पिता भी गांव छोड़कर चले गए थे। जगन ने अपने जीजा के हत्यारों को भी जान से मार दिया था, जिसके बाद वह और कुख्यात हो गया।
जगन गुर्जर पर वर्ष 2019 में महिलाओं से मारपीट और दुर्व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगे थे। धौलपुर जिले के करनपुर-सायका पुरा गांव में दो महिलाओं से मारपीट कर उन्हें निर्वस्त्र कर गांव में घुमाने का आरोप लगा था। इस घटना के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ कार्रवाई तेज की थी।
इसके अलावा उस पर एक पुलिसकर्मी की हत्या का भी आरोप लगा था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, जगन गुर्जर के खिलाफ अलग-अलग राज्यों के थानों में गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज रहे हैं।
साल 2008 में गुर्जर आरक्षण आंदोलन के दौरान जगन गुर्जर ने पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का धौलपुर महल उड़ाने की धमकी दी थी। इसके बाद वह देशभर में चर्चा में आ गया था। उस समय पुलिस ने उस पर 11 लाख रुपए का इनाम घोषित किया था और वह चंबल क्षेत्र का बड़ा दस्यु माना जाने लगा था।
जगन गुर्जर की आपराधिक गतिविधियों के कारण राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की पुलिस लंबे समय तक उसकी तलाश में रही। बीहड़ों में उसकी मजबूत पकड़ और नेटवर्क के कारण पुलिस के लिए उसे पकड़ना बड़ी चुनौती माना जाता था।
जगन गुर्जर ने अलग-अलग समय पर तीन बार आत्मसमर्पण किया था। उसने वर्ष 2001, 2009 और 2018 में पुलिस के सामने सरेंडर किया, लेकिन हर बार जमानत पर बाहर आने के बाद फिर अपराध की राह पकड़ने के आरोप लगे।
करीब 15 साल पहले बेटी की शादी के दौरान उसने अपराध की दुनिया छोड़ने की कसम भी खाई थी। उस समय यह माना गया था कि वह मुख्यधारा में लौट सकता है, लेकिन बाद में फिर उसके खिलाफ आपराधिक मामलों और गतिविधियों की चर्चा होती रही।
अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में जगन गुर्जर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने जेल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाई सिक्योरिटी जेल में बंद कुख्यात अपराधी की हत्या कैसे हुई, यह जांच का मुख्य विषय रहेगा।
एफएसएल टीम साक्ष्य जुटा रही है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों और घटना की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।