



जयपुर। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा पर तीखा हमला बोला है। डोटासरा ने किरोड़ी लाल मीणा पर खाद-बीज छापों के नाम पर सैकड़ों करोड़ रुपए की कथित अवैध वसूली के आरोप लगाए और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से इसकी जांच कराने की मांग की। वहीं डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने भी डोटासरा के आरोपों पर पलटवार करते हुए उनके परिवार के सदस्यों को प्रशासनिक अधिकारी बनाने के मुद्दे पर सवाल उठाए।
कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बेटे-बहू पर गलत तरीके से ओबीसी सर्टिफिकेट बनवाकर RAS बनने के आरोप लगाए थे और इस मामले की जांच के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था। इसी पर डोटासरा ने जयपुर शहर कांग्रेस के एक कार्यक्रम में पलटवार किया।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि वे सार्वजनिक रूप से कह रहे हैं कि एक बार कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने उनसे कहा था कि मुख्यमंत्री से अलग से बात करनी है। उनके अनुसार मुलाकात के बाद जब तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बाहर आए तो उन्होंने पूछा कि इन्हें मेरे पास क्यों लाए थे। डोटासरा ने दावा किया कि गहलोत ने बताया कि किरोड़ीलाल मीणा उनके पैरों में पड़ गए और अपने खिलाफ दर्ज मुकदमे हटाने की गुहार लगाने लगे।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि जो व्यक्ति अशोक गहलोत के पैरों में पड़कर मुकदमे हटाने की बात करता था, वह आज उन पर आरोप लगा रहा है। उन्होंने कहा कि किरोड़ीलाल मीणा को इस तरह के आरोप लगाने से पहले अपने आचरण और विभागीय कार्यों पर जवाब देना चाहिए।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने हनुमान बेनीवाल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि किरोड़ीलाल मीणा ने एक दिन हनुमान बेनीवाल को चुनौती दी थी, लेकिन 10 मिनट में ही सरेंडर हो गए। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने तंज कसते हुए कहा कि किसी को इतना नहीं छेड़ना चाहिए कि बुढ़ापा खराब हो जाए।
उन्होंने कहा कि कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा पिछले चार साल से कांग्रेस नेताओं पर आरोप लगाते रहे हैं, लेकिन अब उनकी जांच का समय आ गया है। डोटासरा ने कहा कि सरकार में बैठे लोग लगातार जांच की बात करते हैं, लेकिन अब कृषि विभाग में कथित भ्रष्टाचार की भी जांच होनी चाहिए।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि यदि थोड़ी भी नैतिकता बची है तो किरोड़ीलाल मीणा को इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार चाहे तो उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच करवा ले, लेकिन किसी के बच्चों और परिवार को बदनाम करने की राजनीति ठीक नहीं है।
उन्होंने कहा कि किरोड़ीलाल मीणा कह रहे हैं कि उन्हें 9 दिनों से नींद नहीं आ रही है। डोटासरा ने तंज कसते हुए कहा कि जब वे दूसरों पर आरोप लगाते हैं, तब तो आराम से सोते हैं, लेकिन जब खुद पर सवाल उठते हैं तो उन्हें नींद नहीं आती। उन्होंने इसे दोहरा चरित्र बताया।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि वे कोई कमजोर व्यक्ति नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वे राजनीति शौक से करते हैं और ऐसे परिवार से आते हैं, जहां डरने का कोई नाम नहीं है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से भी अपील की कि कृषि विभाग में कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे पर खुलकर बोलना चाहिए।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि भाजपा के किसी भी मंत्री ने कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा के पक्ष में बयान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि सब जानते हैं कि कौन कितने पानी में है। डोटासरा ने कहा कि यदि कोई दूसरों पर झूठे लांछन लगाएगा, तो उसे खुद पर लगे आरोपों का जवाब भी जनता के सामने देना पड़ेगा।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मांग की कि किरोड़ीलाल मीणा ने उनके और उनके परिजनों पर जो आरोप लगाए हैं, उनकी जांच कराई जाए। साथ ही खाद-बीज छापों के नाम पर कथित रूप से पैसा कहां-कहां से उठा, कहां तक गया और किस-किस में बंटा, इसकी भी जांच होनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि खाद-बीज के नाम पर अब तक 1200 छापे डाले गए हैं और इनमें 400 से 500 करोड़ रुपए का कथित खेल हुआ है। डोटासरा ने कहा कि यदि किरोड़ीलाल मीणा स्वयं को कट्टर ईमानदार बताते हैं, तो उन्हें अपने ही विभाग में हुए कथित भ्रष्टाचार की जांच के लिए भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखना चाहिए।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के आरोपों पर कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने लिखित बयान जारी कर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अपने शासन में भ्रष्टाचार और साजिशों से युवाओं के सपनों को कुचला, भर्तियों की निष्पक्षता को दांव पर लगाया और योग्य अभ्यर्थियों के अधिकार छीने, वे आज भी सच से मुंह मोड़कर झूठ परोस रहे हैं।
कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने कहा कि झूठ और भ्रम फैलाने से जनता का ध्यान किए गए पापों से नहीं भटक सकता। उन्होंने डोटासरा से सवाल किया कि वे छात्रों को बताएं कि परिवार के सदस्यों को प्रशासनिक अधिकारी बनाने के लिए कौन-कौन से पाप किए गए थे। उन्होंने वाल्मीकि रामायण का उल्लेख करते हुए कहा कि पाप कर्मों का फल अवश्य मिलता है।
इस पूरे विवाद से प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। एक ओर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कृषि विभाग के छापों और कथित वसूली की जांच की मांग की है, वहीं दूसरी ओर किरोड़ीलाल मीणा ने भर्ती और ओबीसी प्रमाण पत्र से जुड़े आरोपों को फिर उठाया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि मुख्यमंत्री स्तर पर इन आरोप-प्रत्यारोपों की जांच को लेकर कोई कदम उठाया जाता है या नहीं।