Wednesday, 24 June 2026

पांचना बांध से पानी छोड़ने की मांग पर 20 दिन से चल रहा धरना समाप्त, कृषि मंत्री डॉ.किरोड़ीलाल मीणा ने दिया एक सप्ताह में समाधान का आश्वासन


पांचना बांध से पानी छोड़ने की मांग पर 20 दिन से चल रहा धरना समाप्त, कृषि मंत्री डॉ.किरोड़ीलाल मीणा ने दिया एक सप्ताह में समाधान का आश्वासन

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गंगापुरसिटी। पांचना बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़ने की मांग को लेकर खण्डीप में पिछले 20 दिन से चल रहा धरना बुधवार शाम समाप्त हो गया। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने किसानों को एक सप्ताह में पानी छोड़ने का आश्वासन दिया, जिसके बाद महापंचायत में हाथ खड़े करवाकर धरना समाप्त करने की घोषणा की गई।

सरकार से वार्ता के लिए 11 सदस्यीय कमेटी गठित की जाएगी। यह कमेटी किसानों की मांगों और पांचना बांध से कमांड क्षेत्र में पानी छोड़ने से जुड़े मुद्दों पर सरकार के साथ आगे की बातचीत करेगी। धरना समाप्त होने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने राहत की सांस ली।

महापंचायत को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने कहा कि यह किसी पार्टी की नहीं, बल्कि किसानों की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि वे और उनका परिवार किसानों के कर्ज तले दबे हैं। पिछले दिनों घर में गमी होने के कारण वे धरने पर नहीं आ पाए थे, इसलिए उन्होंने गोलमा देवी को भेजा था, लेकिन किसानों और पटेलों ने कहा कि उन्हें स्वयं आना होगा, इसलिए वे यहां पहुंचे हैं।

डॉ. मीणा ने कहा कि वे लगातार इस आंदोलन का अपडेट ले रहे थे। उन्होंने बताया कि वे मुख्यमंत्री को पहले भी पत्र लिख चुके थे और अब भी इस मुद्दे पर बात करके आए हैं। उन्होंने किसानों से कहा कि यदि वे उन पर भरोसा करते हैं, तो वे सिंचाई मंत्री से लिखाकर लाएंगे कि पानी खुलेगा और आगे बंद नहीं होगा।

कृषि मंत्री ने आंदोलन में महिलाओं की बड़ी भागीदारी की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में कई आंदोलन किए हैं, लेकिन किसी आंदोलन में इतनी संख्या में महिलाएं शामिल नहीं हुईं, जितनी इस आंदोलन में दिखाई दीं। उन्होंने कहा कि सभी नेताओं और किसानों ने शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन चलाया।

डॉ. मीणा ने कहा कि बीस साल की मेहनत और बीस दिन का यह आंदोलन किसानों की एकता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों की भावना और संघर्ष का सम्मान किया है। पानी छोड़ने के आश्वासन के बाद किसानों ने धरना समाप्त करने पर सहमति जताई।

अपने संबोधन में डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने वर्ष 2022 के हाईकोर्ट फैसले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस फैसले की पालना के लिए उन्होंने रेल रोकी थी और उन्हें एक साल की सजा भी हुई थी। उन्होंने कहा कि उस समय लोग कम थे, लेकिन आज बड़ी संख्या में किसान और महिलाएं आंदोलन में बैठे हैं।

उन्होंने कहा कि गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म भी पिछले छह दिनों से करौली में लगातार प्रयास कर रहे हैं। किसानों की मांग को लेकर सरकार स्तर पर बातचीत चल रही है और जल्द समाधान की दिशा में कदम उठाया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि 5 जून से खण्डीप में गंगापुरसिटी विधायक रामकेश मीना के नेतृत्व में धरना चल रहा था। किसानों की मांग थी कि पांचना बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़ा जाए, ताकि किसानों को सिंचाई के लिए राहत मिल सके।

खण्डीप में आयोजित महापंचायत में संघर्ष समिति के आह्वान पर दोनों दलों के कई नेता पहुंचे। इस दौरान गंगापुरसिटी विधायक रामकेश मीना, महवा विधायक राजेंद्र मीना, लालसोट विधायक रामविलास मीना, जमवारामगढ़ विधायक महेंद्रपाल मीना, भागचंद सैनी टांकड़ा, बामनवास विधायक इंदिरा मीना, टोडाभीम विधायक घनश्याम महर, दौसा सांसद मुरारीलाल मीना, पूर्व विधायक लाखन सिंह मीना, पूर्व विधायक सुरेश मीना और सपोटरा विधायक हंसराज मीना सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

धरना समाप्त होने के बाद अब किसानों की निगाह सरकार के अगले कदम पर टिकी है। कृषि मंत्री के आश्वासन के अनुसार यदि एक सप्ताह में पानी छोड़े जाने की दिशा में ठोस कार्रवाई होती है, तो लंबे समय से चल रहा पांचना बांध का विवाद समाधान की ओर बढ़ सकता है।

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