Sunday, 21 June 2026

खाटूश्यामजी पुलिस ने जयपुर और अजीतगढ़ क्षेत्र से करण कुमावत पर जानलेवा हमले के दो आरोपियों को किया गिरफ्तार


खाटूश्यामजी पुलिस ने जयपुर और अजीतगढ़ क्षेत्र से करण कुमावत पर जानलेवा हमले के दो आरोपियों को किया गिरफ्तार

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सीकर। खाटूश्यामजी में 26 मई की रात करण कुमावत पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। खाटूश्यामजी थाना पुलिस ने करीब तीन सप्ताह से फरार चल रहे दो इनामी आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों पर 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित था। पुलिस ने एक आरोपी को जयपुर से और दूसरे को अजीतगढ़ क्षेत्र से पकड़ा है।

खाटूश्यामजी थाना अधिकारी पवन कुमार चौबे ने बताया कि पुलिस टीम ने आरोपियों की तलाश में 5 राज्यों के 22 जिलों में सर्च ऑपरेशन चलाया। इसके बाद आरोपी ललित उर्फ रुद्र, उम्र 26 वर्ष, पुत्र बजरंगलाल, निवासी मउ को अजीतगढ़ क्षेत्र के सुराणी गांव से गिरफ्तार किया गया। वहीं आरोपी धीरज जांगिड़, उम्र 30 वर्ष, पुत्र रमेश जांगिड़, निवासी मउ को जयपुर के 14 नंबर पुलिया के पास से पकड़ा गया।

एसएचओ पवन कुमार चौबे के अनुसार आरोपी ललित को पकड़ने के बाद उसने पुलिस की गाड़ी से भागने की कोशिश की। इस दौरान वह गिर गया, जिससे उसका पैर फ्रैक्चर हो गया। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी करण कुमावत पर हुए जानलेवा हमले के मुख्य आरोपी हैं। इन पर एसपी प्रवीण नायक नूनावत की ओर से 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था।

इस मामले में पुलिस एक आरोपी राजपाल को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। अन्य फरार आरोपियों की तलाश अभी जारी है। पुलिस आरोपियों के संपर्कों और हमले में शामिल अन्य लोगों के बारे में भी पूछताछ कर रही है।

जानकारी के अनुसार करण कुमावत खाटूश्यामजी में एक गेस्ट हाउस में कर्मचारी था। गेस्ट हाउस में गेस्ट ले जाने की बात को लेकर ललित उर्फ रुद्र, धीरज जांगिड़ और उनके अन्य साथियों ने मिलकर करण पर जानलेवा हमला किया था। इस संबंध में करण के पिता ने खाटूश्यामजी थाने में मुकदमा दर्ज करवाया था।

शनिवार शाम को खाटूश्यामजी थाना पुलिस आरोपियों को लेकर मौके पर पहुंची और मौका तस्दीक की कार्रवाई की। पुलिस ने घटनास्थल पर आरोपियों से वारदात से जुड़े तथ्यों की जानकारी ली और जांच को आगे बढ़ाया।

एसएचओ पवन कुमार चौबे ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी में खाटूश्यामजी थाने के कॉन्स्टेबल गिरधारी लाल और राजेंद्र की विशेष भूमिका रही। दोनों ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी स्रोतों के आधार पर आरोपियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी। इसी के आधार पर पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिली।

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