Sunday, 21 June 2026

जयपुर में फर्टिलाइजर फैक्ट्रियों पर कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा का छापा, नमक के कचरे से नकली पोटाश बनाने का खुलासा


जयपुर में फर्टिलाइजर फैक्ट्रियों पर कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा का छापा, नमक के कचरे से नकली पोटाश बनाने का खुलासा

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जयपुर। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने जयपुर में फर्टिलाइजर से जुड़ी तीन फैक्ट्रियों और गोदामों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि एक सील फैक्ट्री में नमक के कचरे से नकली पोटाश तैयार किया जा रहा था। इसे म्यूरेट ऑफ पोटाश यानी MOP के रूप में तैयार कर किसानों को बेचे जाने की बात सामने आई है।

कृषि मंत्री डॉ. मीणा ने वीकेआई क्षेत्र स्थित नंदी फर्टिलाइजर्स की सील की गई इकाई को खुलवाकर औचक निरीक्षण किया। यहां म्यूरेट ऑफ पोटाश की जांच के दौरान सामने आया कि इसे नमक के अपशिष्ट से तैयार किया जा रहा था। डॉ. मीणा ने इसे किसानों के साथ बड़ा धोखा और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया। उन्होंने अधिकारियों को दोषियों के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान कई उत्पादों पर निर्माण तिथि, एक्सपायरी डेट और अन्य जरूरी जानकारियां भी उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के मानकों के अनुरूप नहीं पाई गईं। कृषि विभाग की टीम ने उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग और लाइसेंस से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की। प्रारंभिक जांच में नियमों के गंभीर उल्लंघन की बात सामने आई है।

डॉ. मीणा ने रोड नंबर 7 स्थित समृद्धि सर्विसेज नामक सीएंडएफ गोदाम पर भी छापेमारी की। यहां बिना अनुमति के बायो-स्टिमुलेंट की सप्लाई का मामला सामने आया, जबकि राजस्थान में इसकी बिक्री पर प्रतिबंध बताया जा रहा है। इस पर मंत्री ने अधिकारियों को संबंधित रिकॉर्ड जब्त कर जांच आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

इसके अलावा चित्तारी एग्री केयर कंपनी में भी बिना अनुमति बायो-स्टिमुलेंट और अन्य अवैध कृषि उत्पाद पाए गए। निरीक्षण के दौरान एक गोदाम में बिना लाइसेंस का लिक्विड फर्टिलाइजर भी मिला। अधिकारियों ने आशंका जताई है कि इन उत्पादों के माध्यम से नियमों की अवहेलना कर किसानों को नुकसान पहुंचाया जा रहा था।

कार्रवाई के दौरान सब्सिडी को लेकर भी घोटाले की आशंका जताई गई है। अधिकारियों के अनुसार संबंधित उत्पाद पर भारत सरकार की ओर से 1,500 रुपए प्रति टन तक की सब्सिडी मिलती है। ऐसे में जांच की जा रही है कि क्या इस सब्सिडी का गलत तरीके से लाभ लिया गया। कृषि विभाग अब पूरे रिकॉर्ड, स्टॉक, लाइसेंस, सप्लाई चेन और भुगतान संबंधी दस्तावेजों की जांच करेगा।

कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि किसानों के साथ किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नकली खाद, अवैध कृषि उत्पाद और सब्सिडी में गड़बड़ी से जुड़े मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। यह कार्रवाई किसानों के हितों की सुरक्षा और कृषि उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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