Tuesday, 16 June 2026

जी-7 शिखर सम्मेलन का आगाज, वैश्विक सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर मंथन करेंगे विश्व नेता, पीएम मोदी भी होंगे शामिल


जी-7 शिखर सम्मेलन का आगाज, वैश्विक सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर मंथन करेंगे विश्व नेता, पीएम मोदी भी होंगे शामिल
G7 समिट के दौरान (दाएं से) EU चीफ उर्सला लेयेन, जापानी पीए ताकाइची, इटली पीएम मेलोनी, कनाडाई पीएम कार्नी, फ्रेंच पीएम मैक्रों, ब्रिटिश पीएम स्टार्मर, जर्मन चांसलर मर्त्ज और EU काउंसिल के चीफ एंटोनियो कोस्टा।

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फ्रांस के एवियन शहर में सोमवार को 52 वें जी-7 शिखर सम्मेलन का औपचारिक शुभारंभ हुआ। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए विश्व नेताओं का स्वागत किया। तीन दिनों तक चलने वाले इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में वैश्विक सुरक्षा, आर्थिक चुनौतियों, भू-राजनीतिक तनाव, ऊर्जा संकट और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे प्रमुख विषयों पर चर्चा की जाएगी।

सम्मेलन में सबसे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पहुंचे। इसके बाद जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्त्ज, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी सहित कई देशों के शीर्ष नेता सम्मेलन स्थल पर पहुंचे। सम्मेलन के दौरान अमेरिका-ईरान संबंधों, वैश्विक शांति प्रयासों, व्यापारिक सहयोग और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक विचार-विमर्श होने की संभावना है।

इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपने स्लोवाकिया दौरे के बाद जी-7 सम्मेलन में भाग लेने के लिए फ्रांस रवाना हो गए हैं। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच द्विपक्षीय बैठक हो सकती है। यदि यह बैठक होती है तो दोनों नेताओं की करीब 16 महीने बाद आमने-सामने मुलाकात होगी।

जी-7 के साथ आमंत्रित देशों के नेता भी होंगे शामिल

जी-7 समूह में कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और अमेरिका शामिल हैं। इनके अलावा यूरोपीय संघ के प्रतिनिधि भी सम्मेलन में भाग ले रहे हैं।

मेजबान फ्रांस ने कई अन्य देशों के नेताओं को भी विशेष आमंत्रण दिया है। इनमें भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी, ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्यंग और केन्या के राष्ट्रपति विलियम रुटो शामिल हैं।

वैश्विक चुनौतियों पर रहेगा फोकस

विशेषज्ञों के अनुसार इस बार का जी-7 सम्मेलन वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रूस-यूक्रेन संघर्ष, मध्य-पूर्व की स्थिति, ऊर्जा सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, जलवायु परिवर्तन और वैश्विक आर्थिक स्थिरता जैसे विषय चर्चा के केंद्र में रहेंगे। सम्मेलन के दौरान कई द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बैठकों के जरिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने पर भी जोर दिया जाएगा।

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