Sunday, 14 June 2026

इंदिरा गांधी होतीं तो भाजपा पर बैन लगा देतीं, धर्म की राजनीति कर रही है बीजेपी: अशोक गहलोत


इंदिरा गांधी होतीं तो भाजपा पर बैन लगा देतीं, धर्म की राजनीति कर रही है बीजेपी: अशोक गहलोत

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पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भारतीय जनता पार्टी पर धर्म की राजनीति करने और धार्मिक ध्रुवीकरण को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। जयपुर में आयोजित 'नवाब दादा कायम खां शहीद दिवस एवं सम्मान समारोह' में संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा की राजनीति हिंदुत्व के नाम पर लोगों को भड़काने और सत्ता हासिल करने पर आधारित है।

मौलाना अबुल कलाम आजाद वेलफेयर सोसायटी राजस्थान द्वारा आयोजित कार्यक्रम में गहलोत ने कहा कि यदि आज पूर्व प्रधानमंत्री Indira Gandhi जैसी मजबूत नेता देश की प्रधानमंत्री होतीं, तो भाजपा जैसी राजनीति करने वाली पार्टी पर प्रतिबंध लगा देतीं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा धार्मिक भावनाओं का राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास कर रही है।

गहलोत ने कहा कि भाजपा स्वयं को हिंदुत्व की पार्टी के रूप में प्रस्तुत करना चाहती है और इसी कारण चुनावों में मुस्लिम समुदाय को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं देती। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा की 403 सीटों में भाजपा एक भी मुस्लिम उम्मीदवार को टिकट नहीं देती, जबकि प्रतीकात्मक रूप से कुछ सीटें दी जा सकती थीं। उनका आरोप था कि भाजपा देशवासियों को यह संदेश देना चाहती है कि वह केवल हिंदुत्व की राजनीति करती है।

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा के वरिष्ठ मुस्लिम नेताओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मुख्तार अब्बास नकवी और शाहनवाज हुसैन जैसे नेताओं को भी पार्टी ने सक्रिय राजनीति से दूर कर दिया है। गहलोत ने इसे भाजपा की राजनीतिक सोच का हिस्सा बताते हुए सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि संविधान की शपथ लेने वाले जनप्रतिनिधियों का दायित्व सभी धर्मों और वर्गों का सम्मान करना है। संविधान देश के प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार देता है और धर्म के आधार पर राजनीति करने की अनुमति नहीं देता। गहलोत ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की भावना को बनाए रखने के लिए सभी राजनीतिक दलों को संवैधानिक मूल्यों का पालन करना चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान उन्होंने सामाजिक सद्भाव, धर्मनिरपेक्षता और संविधान की रक्षा को देश की एकता और अखंडता के लिए आवश्यक बताया। उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में नई बहस छिड़ने की संभावना है।

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