Sunday, 14 June 2026

भागवत कथा सुनने से मनुष्य को विकारों से मुक्ति मिलती है: कृष्णप्रिया कौशिकी महाराज


भागवत कथा सुनने से मनुष्य को विकारों से मुक्ति मिलती है: कृष्णप्रिया कौशिकी महाराज

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जयपुर के आतिश मार्केट स्थित भोमिया जी ट्रस्ट द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में वृंदावन व्यास पीठ की 13 वर्षीय कथा वाचक कृष्णप्रिया कौशिकी महाराज ने श्रद्धालुओं को रुक्मणी विवाह कथा का रसपान कराया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने से मनुष्य के जीवन के अनेक विकार दूर होते हैं और उसे आध्यात्मिक शांति तथा मोक्ष का मार्ग प्राप्त होता है।

रुक्मणी विवाह संपन्न,श्रद्धालुओं ने गाए मंगल और किया नृत्य

कथा के दौरान कृष्णप्रिया कौशिकी महाराज ने रुक्मिणी विवाह प्रसंग का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि माता रुक्मिणी भगवान श्रीकृष्ण को अपना सर्वस्व मान चुकी थीं, लेकिन उनके भाई ने उनका विवाह शिशुपाल से तय कर दिया था। ऐसी स्थिति में रुक्मिणी ने एक ब्राह्मण के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण को संदेश भेजकर उनसे आग्रह किया कि वे उन्हें अपने साथ ले जाएं। साथ ही उन्होंने यह भी निवेदन किया कि उनके भाई को किसी प्रकार की हानि न पहुंचाई जाए।

कथा वाचक ने बताया कि रुक्मिणी द्वारा भेजा गया संदेश प्राप्त होते ही भगवान श्रीकृष्ण बिना विलंब किए ब्राह्मण के साथ उनके नगर पहुंचे और विवाह से पूर्व रुक्मिणी का हरण कर उन्हें अपने साथ द्वारका ले आए। इसके बाद द्वारका में वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी का विवाह संपन्न हुआ तथा पूरे द्वारका नगरी में उत्सव मनाया गया।

15 जून को कथा समापन के साथ छप्पन भोग प्रसादी का आयोजन

कथा के आयोजक और आतिश मार्केट संगठन  के महामंत्री विष्णु कूलवाल ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा पिछले छह दिनों से जारी है, जिसका समापन 15 जून को होगा। समापन अवसर पर छप्पन भोग प्रसादी का विशेष आयोजन भी किया जाएगा। उन्होंने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा श्रवण करने और कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की।

उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने का माध्यम भी है। कथा के माध्यम से प्राप्त शिक्षाओं को जीवन में अपनाकर व्यक्ति अपने जीवन का कल्याण कर सकता है।




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