Monday, 15 June 2026

समाजों को लड़ाना नहीं, किसानों के अधिकार और भाईचारे की लड़ाई लड़ना हमारा उद्देश्य: नरेश मीणा


समाजों को लड़ाना नहीं, किसानों के अधिकार और भाईचारे की लड़ाई लड़ना हमारा उद्देश्य: नरेश मीणा

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टोंक जिले के देवली-उनियारा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम स्याला-सुखपुरा में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम में भगत सिंह सेना के प्रमुख एवं किसान नेता नरेश मीणा ने किसानों के मुद्दों, सामाजिक सौहार्द और प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि समाजों के बीच वैमनस्य फैलाने के बजाय किसानों और आम जनता के अधिकारों के लिए संघर्ष करना समय की आवश्यकता है।

नरेश मीणा ने कहा कि वर्तमान में पांचना बांध के पानी का मुद्दा प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है, लेकिन कुछ लोग इस विषय को लेकर गुर्जर और मीणा समाज के बीच विवाद पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे नेताओं से सावधान रहने की जरूरत है, जो समाजों को आपस में लड़ाकर राजनीतिक लाभ लेना चाहते हैं। उनका कहना था कि पानी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों का समाधान आपसी संवाद, समझौते और सामाजिक समन्वय से निकाला जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि किसी मुद्दे पर संघर्ष करना है तो वह किसानों और आमजन के अधिकारों के लिए होना चाहिए। नरेश मीणा ने कहा कि समाजों को बांटने के बजाय उन्हें एकजुट करना उनकी राजनीति का मूल उद्देश्य है। उन्होंने कहा, “यदि जरूरत पड़ी तो पानी के लिए भीख मांग लूंगा, लेकिन समाजों को आपस में लड़ाने का काम कभी नहीं करूंगा।”

पानी की समस्या पर अपनी राय रखते हुए उन्होंने कहा कि बांध के ऊपरी क्षेत्रों में बसे लोगों को लिफ्ट सिस्टम के माध्यम से पानी उपलब्ध कराया जाना चाहिए। साथ ही कमांड एरिया के किसानों और ग्रामीणों को भी उनका उचित हिस्सा मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि बीसलपुर बांध का पानी जयपुर और अजमेर तक पहुंच रहा है, लेकिन देवली-उनियारा क्षेत्र के कई लोगों को अभी भी पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, जो चिंता का विषय है।

नरेश मीणा ने हाड़ौती क्षेत्र की राजनीति का उल्लेख करते हुए कहा कि वह क्षेत्र को कुछ चुनिंदा नेताओं के प्रभाव से मुक्त कराने की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन नेताओं के पास व्यापक जनसमर्थन नहीं है, वे किसान समाजों के प्रतिनिधित्व का दावा कर रहे हैं। उन्होंने किसान समुदायों से जागरूक, संगठित और अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि उनकी सोच समाजों को जोड़ने और भाईचारे को मजबूत करने की है। किसानों को अपने हक और अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संगठित होकर संघर्ष करना चाहिए, ताकि उनकी आवाज प्रभावी ढंग से सरकार और प्रशासन तक पहुंच सके।

कार्यक्रम में पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष रामनारायण मीणा सहित क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे।

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