Wednesday, 10 June 2026

खाटूश्यामजी-मंदिर-आने-वाले-श्रद्धालुओं-को-राहत-निकास-मार्ग-10-फीट-से-बढ़ाकर-किया-30-फीट


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खाटूश्यामजी (सीकर)। विश्व प्रसिद्ध खाटूश्यामजी मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए राहत भरी खबर है। मंदिर के निकास मार्ग को सुगम और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से प्रशासन ने मंगलवार को बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। इस कार्रवाई के बाद मंदिर का एग्जिट मार्ग 10 फीट से बढ़ाकर 30 फीट चौड़ा किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं की आवाजाही पहले की तुलना में अधिक आसान और व्यवस्थित हो सकेगी।

प्रशासन द्वारा गुवाड़ चौक से श्याम मंदिर निकास मार्ग तक तीन जेसीबी मशीनों की सहायता से स्थायी अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया गया। कार्रवाई के दौरान नगर पालिका, राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम मौके पर मौजूद रही। जैसे ही अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू हुई, बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्याम भक्त मौके पर एकत्र हो गए। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों ने लोगों को कार्रवाई स्थल से सुरक्षित दूरी पर रखा।

अभियान का नेतृत्व एसडीएम मोनिका सामोर, नगर पालिका अधिशासी अधिकारी ओमप्रकाश चौधरी, कनिष्ठ अभियंता पूरणमल कुमावत और स्वास्थ्य निरीक्षक सुरेंद्र कुड़ी ने किया। राजस्व विभाग की ओर से नायब तहसीलदार रामनिवास बौचल्या, गिरदावर जगदीश और पटवारी रोहित सेपट सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए थानाधिकारी पवन चौबे के नेतृत्व में खाटूश्यामजी कोतवाली, सदर थाना, जीणमाता और दांतारामगढ़ थाना पुलिस का अतिरिक्त जाब्ता तैनात किया गया। प्रशासन ने पूरे अभियान के दौरान शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए।

एसडीएम मोनिका सामोर ने बताया कि बाबा श्याम के दर्शन कर लौटने वाले श्रद्धालुओं को निकास मार्ग पर लंबे समय से परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसी को देखते हुए मार्ग में बने पक्के अतिक्रमणों को हटाकर रास्ते को चौड़ा और सुगम बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सड़क चौड़ीकरण के बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को आवागमन में काफी सुविधा मिलेगी।

कार्रवाई के दौरान कुछ दुकानदारों ने अतिक्रमण की जद में आने वाले हिस्से से सामान नहीं हटाया था, जिन्हें समझाइश देकर सामान हटवाया गया। वहीं चार दुकानदारों ने न्यायालय से प्राप्त स्थगन आदेश (स्टे) के दस्तावेज भी प्रस्तुत किए। प्रशासन ने उनसे बातचीत कर मार्ग के महत्व और जनहित को समझाया। प्रशासन के अनुसार पांच में से चार प्रभावित पक्षों ने सहयोग करते हुए अतिक्रमण हटाने पर सहमति दे दी। अधिकारियों ने यह भी बताया कि जो लोग स्वेच्छा से सहयोग कर रहे हैं, उन्हें नियमानुसार बची हुई भूमि का पट्टा दिए जाने पर विचार किया जाएगा।

श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों का मानना है कि निकास मार्ग के चौड़ीकरण से विशेष अवसरों और मेलों के दौरान लगने वाली भीड़ और जाम की समस्या में काफी हद तक कमी आएगी तथा मंदिर क्षेत्र की व्यवस्थाएं अधिक सुचारु हो सकेंगी।

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