Tuesday, 09 June 2026

भरतपुर जिला क्रिकेट संघ निलंबित, खिलाड़ियों के चयन और वित्तीय अनियमितताओं की होगी जांच


भरतपुर जिला क्रिकेट संघ निलंबित, खिलाड़ियों के चयन और वित्तीय अनियमितताओं की होगी जांच

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जयपुर। राजस्थान क्रिकेट जगत में बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) की एडहॉक कमेटी ने भरतपुर जिला क्रिकेट संघ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही जिला संघ की सभी प्रशासनिक और क्रिकेट संबंधी शक्तियों को सीज कर दिया गया है। अब भरतपुर जिले में क्रिकेट गतिविधियों का संचालन सीधे राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन की निगरानी में किया जाएगा।

एडहॉक कमेटी के इस निर्णय के बाद भरतपुर जिला क्रिकेट संघ की कार्यप्रणाली, खिलाड़ियों के चयन और वित्तीय मामलों को लेकर उठे विभिन्न आरोपों की जांच शुरू कर दी गई है। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए RCA ने चार सदस्यीय विशेष जांच समिति का गठन किया है, जो सभी शिकायतों और आरोपों की विस्तृत पड़ताल कर अपनी रिपोर्ट एडहॉक कमेटी को सौंपेगी।

RCA एडहॉक कमेटी के कन्वीनर मोहित यादव ने बताया कि भरतपुर जिला क्रिकेट संघ के सचिव और पदाधिकारियों के खिलाफ लंबे समय से शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। आरोप है कि स्थानीय प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की उपेक्षा कर बाहरी खिलाड़ियों को चयन प्रक्रिया में प्राथमिकता दी जा रही थी, जिससे जिले के क्रिकेटरों में असंतोष का माहौल बन गया था।

उन्होंने बताया कि जिन खिलाड़ियों पर पूर्व में प्रतिबंध लगाया गया था और बाद में राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा उनका प्रतिबंध हटा लिया गया था, उन्हें भी जिला क्रिकेट संघ द्वारा चयन प्रक्रिया में पर्याप्त अवसर नहीं दिए गए। इससे खिलाड़ियों और अभिभावकों के बीच लगातार नाराजगी बढ़ रही थी।

मोहित यादव ने यह भी कहा कि जिला संघ के कुछ पदाधिकारियों पर खिलाड़ियों के चयन के बदले पैसे मांगने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इसके अलावा कुछ महिला खिलाड़ियों द्वारा भी शिकायतें दर्ज कराई गई हैं, जिनमें चयन प्रक्रिया और व्यवहार से जुड़े गंभीर मुद्दे उठाए गए हैं। इन शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए RCA ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए जांच के आदेश दिए हैं।

जांच समिति सभी संबंधित पक्षों के बयान दर्ज करेगी और उपलब्ध दस्तावेजों, चयन रिकॉर्ड तथा अन्य तथ्यों का परीक्षण करेगी। समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित पदाधिकारियों और जिला क्रिकेट संघ के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। वहीं यदि शिकायतें निराधार साबित होती हैं तो भरतपुर जिला क्रिकेट संघ को उसकी प्रशासनिक और क्रिकेट संबंधी शक्तियां पुनः बहाल की जा सकती हैं।

RCA के इस फैसले को भरतपुर जिले में क्रिकेट प्रशासन में पारदर्शिता और खिलाड़ियों के हितों की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब सभी की नजरें जांच समिति की रिपोर्ट और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।

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