



जयपुर। राजस्थान सरकार ने खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के शासन सचिव अंबरीश कुमार को पदस्थापन आदेशों की प्रतीक्षा में रख दिया है। कार्मिक विभाग ने 24 जुलाई को जारी आदेश में इस कार्रवाई का आधार प्रशासनिक कारण बताया है। उनके स्थान पर राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. रोहित गुप्ता को खाद्य विभाग के शासन सचिव का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार अंबरीश कुमार निजी यात्रा पर विदेश जाने के लिए सरकार से अंतिम स्वीकृति प्राप्त होने से पहले ही मुख्यालय छोड़कर चले गए थे। बताया जा रहा है कि उन्होंने विदेश यात्रा की अनुमति के लिए कार्मिक विभाग में आवेदन किया था, लेकिन सक्षम स्तर से स्वीकृति जारी नहीं हुई थी।
सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को निजी विदेश यात्रा पर जाने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत अवकाश एवं यात्रा की स्वीकृति प्राप्त करनी होती है। मुख्यालय छोड़ने से पहले भी सक्षम अधिकारी की अनुमति आवश्यक होती है।
सूत्रों का दावा है कि अंबरीश कुमार ने विदेश यात्रा के लिए आवेदन तो किया था, लेकिन आवेदन लंबित रहने के दौरान ही उन्होंने यात्रा शुरू कर दी। इस घटनाक्रम की जानकारी उच्च स्तर तक पहुंचने के बाद उन्हें एपीओ करने का निर्णय लिया गया।
हालांकि, कार्मिक विभाग के आधिकारिक आदेश में विदेश यात्रा या किसी नियम के उल्लंघन का स्पष्ट उल्लेख नहीं है। आदेश में उन्हें केवल प्रशासनिक कारणों से पदस्थापन आदेशों की प्रतीक्षा में रखने की बात कही गई है। इसलिए विदेश यात्रा को कार्रवाई का औपचारिक कारण तब तक नहीं माना जा सकता, जब तक सरकार इस संबंध में अलग से कोई स्पष्टीकरण या आदेश जारी नहीं करती।
सरकारी स्वीकृति के बिना कथित रूप से निजी विदेश यात्रा पर जाने का मामला प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। यात्रा के उद्देश्य और स्वीकृति की स्थिति को लेकर विभिन्न अटकलें लगाई जा रही हैं।
एपीओ आदेश जारी होने के बाद इन चर्चाओं को और बल मिला है। हालांकि यात्रा के वास्तविक कारण और विभागीय स्तर पर हुई कार्रवाई का पूरा विवरण आधिकारिक रूप से सामने नहीं आया है।
वर्ष 2006 बैच के आईएएस अधिकारी डॉ. रोहित गुप्ता वर्तमान में राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक के पद पर कार्यरत हैं।
राज्य सरकार ने उन्हें अपने वर्तमान पद के साथ खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के शासन सचिव का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है। यह व्यवस्था आगामी आदेशों तक प्रभावी रहेगी।
