Friday, 24 July 2026

ढाई वर्ष में एक करोड़ से अधिक नए पात्र खाद्य सुरक्षा से जुड़े: मंत्री सुमित गोदारा


ढाई वर्ष में एक करोड़ से अधिक नए पात्र खाद्य सुरक्षा से जुड़े: मंत्री सुमित गोदारा

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जयपुर। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने गत ढाई वर्ष के दौरान प्रदेश के 1 करोड़ 77 हजार 182 वंचित एवं पात्र व्यक्तियों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) से जोड़ा है। यह संख्या प्रदेश के कुल 4.37 करोड़ खाद्य सुरक्षा लाभार्थियों की लगभग 23 प्रतिशत है।

शुक्रवार को सचिवालय स्थित मंत्रालय भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि खाद्य सुरक्षा के विस्तार से आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद परिवारों को निःशुल्क खाद्यान्न के साथ कई अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी मिल रहा है। हाल की रिपोर्टों में भी राजस्थान में एक करोड़ से अधिक नए पात्र व्यक्तियों को खाद्य सुरक्षा के दायरे में लाए जाने की जानकारी सामने आई है।

जनवरी से अगस्त 2024 के बीच जुड़े करीब 13 लाख लाभार्थी

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने बताया कि 1 जनवरी से 31 अगस्त 2024 के बीच प्रदेश के 12 लाख 95 हजार 664 नए लाभार्थियों को खाद्य सुरक्षा योजना में शामिल किया गया। इसके बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 26 जनवरी 2025 को खाद्य सुरक्षा पोर्टल दोबारा शुरू किया। पोर्टल खुलने के बाद अब तक 87 लाख 81 हजार 518 पात्र व्यक्तियों को एनएफएसए के दायरे में लाया गया।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा के अनुसार, खाद्य सुरक्षा योजना में सर्वाधिक नए नाम जोड़ने वाले जिलों में जयपुर, सीकर, जोधपुर, बाड़मेर और भीलवाड़ा अग्रणी रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक प्रयासों के माध्यम से प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजना का लाभ पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।

निःशुल्क राशन के साथ अन्य योजनाओं का भी लाभ

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि एनएफएसए में शामिल परिवारों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त पात्रता के अनुसार राज्य सरकार की अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी मिल रहा है।

इनमें मुख्यमंत्री रसोई गैस सिलेंडर सब्सिडी योजना के अंतर्गत 450 रुपये में गैस सिलेंडर, मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना के तहत परिवार को 10 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा और मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के अंतर्गत 25 लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार शामिल है।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने बताया कि मानसून के दौरान राशन वितरण में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो, इसके लिए लाभार्थियों को तीन महीने का निःशुल्क राशन एक साथ उपलब्ध कराया जा रहा है।

‘गिव अप अभियान’ से पात्र परिवारों के लिए खाली हुए स्थान

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने बताया कि नवंबर 2024 में शुरू किए गए गिव अप अभियान’ के अंतर्गत करीब 67 लाख लोगों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ छोड़ दिया। वहीं, लगभग 27 लाख लोगों के नाम ई-केवाईसी नहीं कराने के कारण सूची से हटाए गए। हाल की सरकारी सूचनाओं में भी 67 लाख स्वैच्छिक त्याग और करीब 27 लाख ई-केवाईसी से संबंधित निष्कासन का उल्लेख किया गया है।

इस प्रक्रिया से प्रदेश के लिए निर्धारित लगभग 4.46 करोड़ लाभार्थियों की एनएफएसए सीमा के भीतर करीब 1.03 करोड़ स्थान खाली हुए। इन रिक्त स्थानों पर वास्तविक रूप से पात्र और जरूरतमंद परिवारों को शामिल किया जा सका।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि अभियान का उद्देश्य किसी पात्र व्यक्ति को योजना से बाहर करना नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से सक्षम एवं अपात्र लोगों के स्थान पर जरूरतमंद परिवारों को खाद्य सुरक्षा उपलब्ध कराना है। खाद्य विभाग के पोर्टल पर एनएफएसए में आवेदन, आवेदन की स्थिति और स्वैच्छिक रूप से लाभ छोड़ने की सुविधाएं उपलब्ध हैं।

उत्तरी क्षेत्रीय परिषद में ‘बेस्ट प्रैक्टिस’ के रूप में सराहना

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने बताया कि राजस्थान के ‘गिव अप अभियान’ को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में राज्य सरकार की श्रेष्ठ कार्यप्रणाली यानी ‘बेस्ट प्रैक्टिस’ के रूप में सराहा गया।

उन्होंने कहा कि स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा का लाभ छोड़ने वाले लोगों के सहयोग से जरूरतमंद परिवारों के लिए योजना में स्थान उपलब्ध हुए। इससे योजना को अधिक लक्षित और प्रभावी बनाने में सहायता मिली है।

‘कोई पात्र परिवार खाद्य सुरक्षा से वंचित नहीं रहेगा’

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रदेश का कोई भी पात्र, गरीब और जरूरतमंद परिवार खाद्य सुरक्षा के अधिकार से वंचित नहीं रहे।

उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा केवल निःशुल्क राशन उपलब्ध कराने की व्यवस्था नहीं है, बल्कि कमजोर परिवारों को स्वास्थ्य, बीमा, रसोई गैस सब्सिडी और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम भी है। सरकार शेष पात्र आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण कर योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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