Friday, 24 July 2026

ऊर्जा समिट की शुरुआत में गुल हुई बिजली, पांच मिनट अंधेरे में रहा हॉल, ऊर्जा राज्यमंत्री हीरालाल नागर के सामने पांच दिन में दूसरी घटना


ऊर्जा समिट की शुरुआत में गुल हुई बिजली, पांच मिनट अंधेरे में रहा हॉल, ऊर्जा राज्यमंत्री हीरालाल नागर के सामने पांच दिन में दूसरी घटना

ख़बर सुनिए:

0:00
0:00
Audio thumbnail

जयपुर। अक्षय ऊर्जा और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम पर चर्चा के लिए आयोजित समिट की शुरुआत में ही बिजली गुल हो गई। शुक्रवार सुबह जयपुर के होटल हिल्टन में राज्यमंत्री हीरालाल नागर और अन्य अतिथियों के मंच पर पहुंचते ही अचानक पूरे सभागार की बिजली आपूर्ति बंद हो गई। करीब पांच मिनट तक हॉल अंधेरे में रहा। बिजली बहाल होने के बाद कार्यक्रम दोबारा शुरू किया गया।

राजस्थान सोलर एसोसिएशन की ओर से 24 जुलाई को होटल हिल्टन में RE+BESS Leadership Summit-2026 आयोजित किया गया। सुबह 10 बजे से निर्धारित इस कार्यक्रम में अक्षय ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण और राजस्थान में स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र की संभावनाओं पर चर्चा रखी गई थी।

अतिथियों के मंच पर पहुंचते ही बंद हुई आपूर्ति

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 10 बजे ऊर्जा राज्यमंत्री हीरालाल नागर और अन्य अतिथि उद्घाटन कार्यक्रम के लिए मंच पर पहुंचे थे। इसी दौरान सभागार की लाइटें अचानक बंद हो गईं और कार्यक्रम कुछ समय के लिए रुक गया।

करीब पांच मिनट बाद विद्युत आपूर्ति बहाल हुई, जिसके बाद स्वागत और उद्घाटन कार्यक्रम आगे बढ़ाया गया। बिजली गुल होने का कारण होटल प्रबंधन अथवा संबंधित विद्युत एजेंसी की ओर से तत्काल स्पष्ट नहीं किया गया।

यह भी स्पष्ट नहीं हुआ कि व्यवधान बाहरी बिजली आपूर्ति में खराबी के कारण आया था या होटल की आंतरिक विद्युत एवं बैकअप प्रणाली में तकनीकी समस्या हुई थी।

अक्षय ऊर्जा पर चर्चा, लेकिन शुरुआत में ही बिजली बाधित

समिट में रिन्यूएबल एनर्जी और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम की भूमिका, बिजली आपूर्ति को स्थिर बनाने, ऊर्जा भंडारण और स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में निवेश जैसे विषयों पर चर्चा होनी थी।

ऐसे में ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े कार्यक्रम की शुरुआत में ही बिजली चले जाने की घटना वहां मौजूद प्रतिनिधियों के बीच चर्चा का विषय बन गई। हालांकि आपूर्ति बहाल होने के बाद कार्यक्रम सामान्य रूप से जारी रहा।

19 जुलाई को कोटा की बैठक में भी गुल हुई थी बिजली

इससे पहले रविवार, 19 जुलाई को कोटा में ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान भी बिजली गुल हो गई थी। जिला परिषद सभागार में चल रही बैठक करीब छह मिनट तक बाधित रही और मंत्री सहित वरिष्ठ अधिकारी अंधेरे में बैठे रहे।

उस दौरान बाहर उपलब्ध बैकअप जनरेटर भी तत्काल शुरू नहीं हो सका था। बिजली विभाग के अधिकारियों और इंजीनियरों की उपस्थिति में हुई इस घटना के बाद आपातकालीन विद्युत व्यवस्था और बैकअप तैयारियों पर सवाल उठे थे।

पांच दिन में मंत्री के सामने दूसरी घटना

कोटा की समीक्षा बैठक के पांच दिन बाद जयपुर में ऊर्जा समिट के दौरान बिजली गुल होने से यह दूसरी घटना सामने आई है, जब ऊर्जा मंत्री की मौजूदगी वाले कार्यक्रम में विद्युत आपूर्ति बाधित हुई।

हालांकि दोनों घटनाओं के स्थान और विद्युत व्यवस्थाएं अलग-अलग थीं। इसलिए तकनीकी जांच अथवा आधिकारिक जानकारी के बिना दोनों व्यवधानों को एक ही कारण या बिजली वितरण व्यवस्था की समान खामी से जोड़ना उचित नहीं होगा।

पहले भी बिजली व्यवधान पर हुई थी कार्रवाई

जून 2026 में जयपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भी बिजली आपूर्ति बाधित हुई थी। मामले की जांच के बाद बिजली विभाग के दो कर्मचारियों को निलंबित किया गया था। उस घटना का कारण हीरापुरा ग्रिड सब-स्टेशन में ट्रिपिंग बताया गया था।

अब होटल हिल्टन में हुए व्यवधान का वास्तविक कारण संबंधित प्रबंधन अथवा तकनीकी एजेंसी की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

Previous
Next

Related Posts