



बीकानेर। उपखंड क्षेत्र में गुरुवार रात आई तेज आंधी और बारिश के कारण गारबदेसर गांव स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय (राउमावि) के एक कमरे की छत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे में कमरे के भीतर रखा फर्नीचर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। राहत की बात यह रही कि स्कूलों में ग्रीष्मावकाश चल रहा था और घटना रात करीब 11 बजे हुई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
जानकारी के अनुसार जिस कमरे की छत गिरी, उसमें कक्षा दसवीं का संचालन होता था और यहां 56 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। कमरे की छत में लगी 60 पट्टियों में से 17 पट्टियां टूटकर नीचे गिर गईं। शुक्रवार सुबह जब ग्रामीण और विद्यालय स्टाफ परिसर में पहुंचे तो कमरे की स्थिति देखकर हड़कंप मच गया। इसके बाद तुरंत शिक्षा विभाग और प्रशासन को सूचना दी गई।
घटना के बाद सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि गारबदेसर विद्यालय का नाम जिले के क्षतिग्रस्त और जर्जर स्कूल भवनों की सूची में शामिल नहीं था। शिक्षा विभाग को भेजी गई रिपोर्ट में भी इस भवन को सुरक्षित बताया गया था। मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) किसनदान चारण ने बताया कि विभाग के रिकॉर्ड में इस विद्यालय का नाम क्षतिग्रस्त भवनों की सूची में दर्ज नहीं था। मामले की जांच कराई जा रही है और रिपोर्ट मिलने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
सूचना मिलने पर मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी उमराव यादव ने कनिष्ठ अभियंता मोतीराम सेवटा तथा विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं पीईईओ मनोज चुग के साथ मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। अधिकारियों ने भवन की स्थिति का जायजा लिया और तकनीकी जांच शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद ग्रामीणों ने क्षेत्र के अन्य पुराने और जर्जर स्कूल भवनों की भी सुरक्षा जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते ऐसे भवनों का निरीक्षण नहीं किया गया तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है।